आज गूगल को कौन याद आया

“मोगैंबो खुश हुआ……”

और

” जा सिमरन जा जी ले अपनी जिंदगी…..”

जैसे डायलॉग से अपनी आवाज और अदाकारा से दुनिया का दिल जीतने वाला कोई हीरो नहीं विलेन था. एक ऐसा विलन जो हीरो पर भारी पड़ता था, उनका नाम है अमरीश पुरी साहब .
अमरीश पुरी साहब का जन्म 22 जून 1932 को लाहौर में हुआ था हालांकि लाहौर पाकिस्तान का हिस्सा है. आज अमरीश पुरी साहब का 87 वा बर्थडे है .
जिसे गूगल स्पेशल तरीके से मना रहा है जिसमें उन्होंने गूगल के ऊपर अमरीश पुरी साहब का चेहरा लगाया है .वैसे तो अमरीश पुरी साहब हीरो बनने के लिए बॉलीवुड आए थे लेकिन धीरे-धीरे वे एक मंजे विलेन के रूप में उभरने लगे ,और विलेन के रूप में ही अपनी जो पहचान बनाई है उसे कोई भी नहीं भुला सकता ।भले ही आज के बच्चे थोड़ा कम जानते हैं पर मोगेंबो खुश हुआ जैसे डायलॉग उस समय बच्चे बच्चे की जबान पर बसा हुआ था। जा सिमरन जा ,जी ले अपनी जिंदगी

दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे का यह डायलॉग तो आज भी प्रसिद्ध है ।इसके अलावा अमरीश पुरी साहब ने नगीना, दामिनी ,नायक, जैसे और कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग द्वारा लाखों दिलों में अपने लिए जगह बनाई है. 2005 में ब्रेन हैमरेज के कारण अमरीश पुरी साहब का निधन हो गया था. उनके जाने के बाद कलाकार के लिए रंगमंच पूरी तरह से सुना हो गया था उन्होंने जाने से पहले कच्ची सड़क नामक फिल्म में काम किया था हालांकि यह फिल्म उनकी मृत्यु के बाद 2006 में रिलीज हो पाई थी .अमरीश पुरी साहब तो नहीं रहे लेकिन उनकी कई डायलॉग और किरदार आज भी चर्चा में रहते हैं उन्होंने अभिनय जो नाम और शोहरत कमाई व केवल बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं था बल्कि हॉलीवुड में भी उनकी अदाकारी की चर्चा रही है जिसके साथ ही उन्होंने इंडियन जॉन्स एंड द टेंपल ऑफ डूम में काम भी किया है आज हम भी ऐसे एक महान अदाकार को उनके जन्म दिवस के अवसर पर बधाई देते हैं।

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