एकादशी को होता है यहां जुमेराती मां महाकाली का विसर्जन

होशंगाबाद / 9 दिनों तक नवरात्रि का पर्व मनाने के बाद अब देवी प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है ।गाजे-बाजे के साथ मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है, लोग नर्मदा तट पर पहुंचकर विसर्जन कर रहे हैं ,यहां तट पर कृत्रिम कुंड का निर्माण किया गया है ।9 दिनों तक मां दुर्गा, मां काली की अगाध श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजन अर्चन किया गया। साथ ही शहर में मेले जैसा वातावरण पूरे 9 दिनों तक बना रहा ।9 दिनों के पश्चात अब मां दुर्गा मां, काली की मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। इस अवसर पर जवारों का भी विसर्जन सेठानी घाट, कोरी घाट के तट पर बने कृत्रिम कुंडों पर किया जा रहा है ।नवरात्रि के अवसर पर घरों में जवारे की स्थापना भी की जाती है जवारों का विसर्जन दशमी एवं एकादशी को किया जाता है ।सबसे ज्यादा जवारे सेठानी घाट पर विसर्जित किए जाते हैं यहां पर लोग सपरिवार विसर्जन के लिए आते हैं। इसी अवसर पर जुमेराती महाकाली के उपसको ने भी प्रसिद्ध माता महाकाली का विसर्जन एकादशी को धूमधाम से किया ।

विसर्जन के पूर्व महाकाली के उपासक श्री अनिल मिश्रा ,राजेश मिश्रा, जितेंद्र मिश्रा एवं आयुष मिश्रा द्वारा विशेष पूजन अर्चन की गई। पूजन अर्चन के बाद होशंगाबाद जिले की प्रसिद्ध माता मां जुमेराती महाकाली का विसर्जन किया जाता है, यह परंपरा लंबे समय से निभाई जा रही हैं।
विसर्जन के दौरान श्रद्धालु गण भजन गाते मंजीरे बजाते पूरे हर्षोल्लास के साथ माता के विसर्जन में शामिल हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने   भी सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो पाएं।

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