कुछ यूं संभाले अपने रिश्तो को

रिश्ते ही तो है जो हमें जिंदगी के असल मायने से सिखाते हैं यही बताते हैं कि हमारी जिंदगी उनके बिना कितनी अधूरी होती है ,रिश्ते की खूबसूरती तो तभी है जब कोई रिश्ता किसी मुश्किल वक्त में हमारे लिए सहारा बन जाए, वही तो होते है रिश्ते जो बिना कहे हमारी भावनाओं को और हमारी जज्बातों को समझ जाए ,वही तो होते हैं रिश्ते जो हमारी आंखों में पल रहे सपनों को उड़ान देते हैं ,और वही तो है रिश्ते जो हमारे दुख मे शामिल हो जाए, हमारी खुशियों को दुगना कर दे। बस इतना ही तो करते है रिश्ते ,तो क्यों ना हम आज हम समझे कि किस तरीके से हम अपने और अपनों के रिश्ते को संभाल कर रख सके । बहुत अनमोल होते हैं यह रिश्ते

हमारी कुछ छोटी-छोटी गलतियां ही हमारे रिश्ते में दरार पैदा कर देती है यहां तक तो कभी-कभी हमारी इन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से रिश्ते टूट भी जाते हैं रिश्ते चाहे दोस्तों के बीच का है ,चाहे पति पत्नी के बीच का रिश्ता हो। रिश्ते चाहे कोई भी हो लेकिन हमें इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान हर रिश्ते के लिए रखना चाहिए। मैं आपको बहुत ही संक्षिप्त में बताती हूं कि कौन सी छोटी गलतियां हम करते हैं जिनकी वजह से रिश्तो में दूरियां बढ़ जाती है।

सबसे पहली बात तो रिश्ता कोई भी हो उनके बीच में डर की भावना बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए,……. हां रिश्तो में उम्र छोटी बड़े जरूर हो सकते हैं ,वहां सम्मान की भावना जरूर हो .दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिश्तो के बीच में हमेशा बातचीत खुले तौर पर और ईमानदारी से होना चाहिए किसी भी बात को घुमा फिरा कर नहीं करना चाहिए और ना ही रिश्तो में किसी बात को एक दूसरे से छुपाई जानी चाहिए ।कभी कभी यूं भी होता है कि हम अपनी भावनाओं को छुपाने की कोशिश करते हैं जो कि बिल्कुल गलत है सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें एक दूसरे को समझने के लिए एक दूसरे को वक्त अवश्य देना चाहिए, आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में हमें एक दूसरे के लिए वक्त ही नहीं होता है और इससे रिश्ते कमजोर होते जाते हैं रिश्तो को मजबूत बनाने के लिए हमें कुछ ना कुछ नया करते रहना चाहिए साथ साथ ताकि हम एक दूसरे को अच्छी तरीके से समझ सके एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात यह भी होती है कि हम कभी-कभी सिर्फ अपनी बात कहने में लगे रहते हैं लेकिन दूसरे की बात सुनते ही नहीं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए अच्छे रिश्ते के लिए जरूरी है कि हम अपने सामने वाले की भी भावनाओं को ध्यान से सुने। अगर किसी विपरीत परिस्थिति में एक दूसरे के बीच में कोई गलतफहमी पैदा हो जाती है तो उस गलतफहमी को बनाए ना रखें बल्कि बैठकर बातों को सामने रखकर गलतफहमी को दूर किया जाना चाहिए ,बस ऐसी ही कुछ छोटी-छोटी बातें हैं जिन्हें हमें ध्यान में रखना चाहिए ।इन सब बातों में से एक बात जरूर सामने निकल कर आती है कि बातचीत का होना बहुत ही अधिक महत्वपूर्ण है बिना बातचीत के हम किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकाल पाते आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में हमें एक दूसरे के पास बैठने और बात करने के लिए समय ही नहीं होता है और यही कारण बनता है दूरी का ,इसलिये बहुत जरूरी है कि हम समय निकाल कर एक दूसरे से बात अवश्य करें ।
बस यही है एक छोटी सी बात जो मैं आप सभी से कहना चाहती हूं कि अपनों के लिए समय ज़रूर निकालें।

और कभी-कभी अपनी गलती ना हो फिर भी कह दे एक छोटा सा प्यारा सा शब्द SORRY 😊

Related posts

Leave a Comment