गोली लगने के बाद भी जवान ने मार गिराए तीन आतंकी

गुरदासपुर न्‍यूज 4 इंडिया। भारतीय सेना के लांस नायक संदीप सिंह 24 सितंबर को कश्‍मीर में एक मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। वीरगति पाने से पहले पैरा कमांडो संदीप सिंह ने 3 आ‍तंकवादियों को भी मार गिराया। पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले संदीप सिंह 4 पैरा कमांडो टीम के साथ तंगधार सेक्‍टर के गगाधारी इलाके में सर्च ऑपरेशन का नेतृत्‍व कर रहे थे। इसी बीच एक गोली उनके माथे में जा लगी और वे शहीद हो गए। 25 सितंबर को उनके पैतृक गांव कोटला खुर्द में पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार कर दिया गया।

दोस्‍तों से एक दिन ऐसा काम कर जाऊंगा कि सारा देश मुझ पर गर्व करेगा

25 सितंबर को गुरदासपुर के गांव कोटला खुर्दमें लांस नायक संदीप सिंह की शहादत पर हर आंख नम थी। तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह को मां कुलविंदर सिंह ने कंधा दिया। उन्‍होंने आतंक को पनाह देने वाले पड़ोसी मुल्‍क को यह संदेश दिया कि हिंदुस्‍तान की माताओं के कंधों में इतनी ताकत है कि वह अपने शहीद बेटे को कंधा देकर शमशान ले जा सकती है।

उन्‍होंने मुझे गर्व है कि मैं शहीद संदीप सिंह की मां हूं। वहीं, शहीद का 5 वर्षीय बेटा अभिनव नम आंखों से शहीद पिता की तिरंगे में लिपटे शरीर को निहारते हुए मां के आंसू पोंछ रहा था। संदीप की इकलौती बहन खुशमीत कौरने जब अपने भाई की कलाई पर रखी बांधकर उसे अंतिम विदाई दी तो इस दृश्‍य को देखकर शहीद के यूनिट के मेजर मुकुल शर्मा भी अपने आंसूओं को रोक नहीं पाए।

संदीप के पत्‍नी गुरप्रीत कौर ने नम आंखों से कहा- मेरे पति एक बहादुर सैनिक थे, जिन्‍होंने पीठ पर नहीं माथे पर गोली खाई है। इसलिए मैं इकलौते बेटे अभिनव को भी सेना में भेजूंगी। दोस्‍त लवप्रीत सिंह ने बताया कि संदीप बचपन से ही देशभक्ति की बातें किया करता था। वह जब छुट्टी पर आया था, तो उसने मुझसे कहा था कि जिंदगी में कुछ ऐसा करो कि लोग आप पर गर्व करें। यह भी कहा कि मैं ऐसा काम कर जाऊंगा कि सारा देश मुझ पर गर्व करेगा और तुम मुझे टीवी चैनल्‍स पर देखोगे। आज उसकी कही बातें सच साबित हुईं।

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