जीवन को मिलेगा नया आयाम

यहीं है वो शांति की मनहारी सुंगध ……

जिसकी तलाश हर आत्मा और मष्तिष्क को होती है …

करना है एक लघु यज्ञ….

जिसमें होगी समझौते की लकड़ियां, ,

भावनाओं की आहुतियां……

ख्वाहिशों की घी से धधक उठेगी अग्नि …..

उस पर धीरज और संयम के गंगा जल के आचमन से होगी शांति ….
यही होगी वो मनुहारि सुंगंध…
जिसकी होती है तलाश हर आत्मा और मष्तिष्क को….
यही से मिलेगी अंतःकरण को शांति ,
…..यही देगा जीवन को नए आयाम …

सारिका श्रीवास्तव

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