देश के प्रधानमंत्री, सरपंचों को आखिर क्यों लिख रहें है पत्र

हर तबके के लोगों से कैसे जुड़े रहना है यह अगर सीखना है तो हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखे एक बार स्वच्छता अभियान का मुहिम चलाकर बच्चे बच्चे की जबान पर नरेंद्र मोदी का नाम है और यह मुहिम सिर्फ एक अभियान के तौर पर नहीं चली बल्कि इस स्वच्छता अभियान में अपार सफलता भी प्राप्त की और आज देश पहले से कहीं अधिक जागरूक है ।
अब नरेंद्र मोदी अपने स्वक्षता अभियान के बाद एक नए मिशन की ओर चल पड़े हैं उनका दूसरा महत्वपूर्ण मिशन है जल संचयन का ।जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पंचायतों के सरपंच और मुखियाओं को पत्र भेज रहे हैं।

इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरपंचों से उनका कुशलक्षेम पूछते हुए उन्हें यह आग्रह किया है कि वे वर्षा ऋतु के आगमन के समय से ही पानी की ज्यादा से ज्यादा संचयन की तैयारी करनी हैं। यह पानी ना केवल खेतों के काम आएगी बल्कि इस प्रकार से संचय पानी आगे चलकर तालाबों ,नदियों , और डेमो का काम करेगी ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि इस प्रकार के संचयन से ना केवल खेतों में पैदावार बढ़ेगी बल्कि जल का भंडार भी होगा जिससे हम अपने गांव में कई और अन्य उपयोगी कार्य कर पाएंगे ।आगे उन्होंने कहा है कि आप सभी से निवेदन है कि आप ग्राम सभाएं बुलाएं और पानी की एक-एक बूंद का संचय करने का आग्रह अपने गांव वालों से करें। साथ ही उन्होंने कहा कि हम बहुत ही भाग्यशाली हैं जबकि हमने भारत जैसे देश में जन्म लिया है इसलिए हमें भारत के निर्माण में सहयोग करना चाहिए ।ईश्वर ने तो हमें हमारे देश में पर्याप्त वर्षा दी हैं किंतु हम सही तरीके से ईश्वर द्वारा दी गई इस उपहार का आदर नहीं कर पा रहे हैं ।इसलिए हमें पानी की समस्या से जूझना पड़ता है यह हमारा कर्तव्य है कि हमें ईश्वर द्वारा प्रदत्त इस उपहार का सम्मान करें और हम अधिक से अधिक पानी का संचय करें ताकि आने वाले समय में हमारी पीढ़ियों को जल की समस्या ना हो

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