नवरात्रि का शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी प्राप्ति के योग एवं पूजन

नवरात्रि में देवी पूजन का विशेष महत्व है।भक्ति से की साधना कभी निराश नही करती है।
इस बार नवरात्रि 29 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक है।29 सितम्बर को रविवार और नवरात्रि की एकम है।इसीतरह,6 अक्टूबर को अष्ठमी ,7 अक्टूबर को नवमी तथा 8 अक्टुबर को दसमी तथा विसर्जन होगा।
29 सितंबर के सर्वार्थसिद्धि योग
9:15 AM/प्रातःकाल से 12:20PM/दोपहर तक
फिर शाम 6:15PM से 9:45PM तक
इस दौरान अनुष्ठान प्रारंभ या घट प्रतिष्ठा का शुभ व अमृत मुहुर्त है।
नवरात्रि में क्रमशः ब्रमचारणी, चंद्रघटा, कूष्मांडा, महागौरी,स्कन्दमाता,कृत्यायनी, कालरात्रि व सिद्धदात्री देवी के पूजन का महत्व है।दुर्गा सप्तशती ,गायत्री मंत्र व अन्य तांत्रिक तथा शावर मंत्रो के अनुष्ठान से विशेष फल व लाभ मिलता है।

प्रस्तुत है लक्ष्मी प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी की विशेष साधना जो कि कम समय में ही पूर्ण हो सकती है

पूजा विधि
1,पवित्रीकरण व आचमन
हे माँ हमे पवित्र करिये।
2,गुरु पूजा

ओम गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु
गुरुर देवो महेश्वरा गुरु साक्षात्कार
पर ब्रम्हा
तस्मै श्री गुरुवे नमः।
3;देवी पूजन
सर्वप्रथम निम्न विनियोग मंत्र का जाप करें एक चम्मच जल धरती मां को समर्पित करें

निम्न मंत्र का जाप करें मां लक्ष्मी का ध्यान करें

अब इस जाप मंत्र का एक माला यानी कि 108 बार प्रथम दिन जाप करें और प्रतिदिन धूप दीप आदि मां लक्ष्मी को समर्पित कर कम से कम 11 बार स्नान से निवृत्त होकर इसी विधि से जाप करें निरंतर धन प्राप्ति के योग बने रहेंगे नवरात्रि में इस मंत्र जप को प्रारंभ करने का सबसे बढ़िया समय है

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