नव भारत का हुआ अभिनंदन

 

यूं ही नहीं यह राष्ट्र बना ..
यूं ही नहीं यह राष्ट्र गढ़ा ..
आदि अनादि कालो से हर युग ने इसकाअभिनंदन किया ..

पिछले सप्ताह जो कुछ भी हुआ उसे हम एक आयामी घटना के तौर पर नहीं देख सकते, एक ओर जहां भारत ने सख्त रूप अपनाया और दूसरी ओर पाकिस्तान में खलबली मच गई। पाकिस्तान ही क्या दुनिया के बहुत से देशों ने यह विचार नहीं किया होगा कि भारत इतना कड़ा और बढ़ा कदम उठा सकता है। सब को यह बात भी स्पष्ट हो गई कि भारत अब बदल चुका है ,और पूरी दुनिया उसकी ताकत को मान्यता दे रही है ,और साथ ही साथ पाकिस्तान को जिन देशों से उम्मीद थी, वह भी तटस्थ बने रहे ।हर मौके पर पाकिस्तान का हाथ थाम के रखने वाला चीन भी इस बार तटस्थ रहा। अमेरिका ने भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि भारत के सख्त रुख ने अंतरराष्ट्रीय दबाव अपनी सैन्य शक्ति और सफल कूटनीति का परिचय दिया है।
अभिनंदन का सही सलामत भारत लौट कर आना इसका दूसरा आयाम है ,इसके पहले भी कारगिल युद्ध के दौरान पकड़े गए फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता को छोड़ने में पाकिस्तान ने करीबन 1 सप्ताह का वक्त लिया था, लेकिन इस बार उसने इतना वक्त नहीं लिया ।पायलट अभिनंदन के पकड़े जाने पर भारत नरम नहीं पड़ा ,भारत ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह पायलट की रिहाई बिना किसी शर्त के चाहता है। और हमें पहले दिन से ही यह यकीन था कि पाकिस्तान को यह बात माननी ही पड़ेगी ।लेकिन सवाल सिर्फ इतना था कि वह कितनी जल्दी अभिनंदन को हमें लौटाते हैं ,और आखिरकार जेनेवा शर्तों के अनुसार पाकिस्तान को अभिनंदन को बिना शर्त छोड़ना ही पड़ा। निश्चित तौर पर तो नहीं कहा जा सकता किंतु यह उम्मीद अवश्य ही है कि अब भविष्य में पाकिस्तान अपनी सरजमी से आतंक को बढ़ावा देने के पहले एक लाख बार जरूर सोचेगा ।कदम उठाने से पहले उसकी रूह कांप जाएगी।

सारिका श्रीवास्तव

संपादक

Related posts

Leave a Comment