पंचायतों की सहभागिता से बच्चों के संरक्षण की पहल , ऑनलाइन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

छिंदवाड़ा/ महिला एवं बाल विकास विभाग छिंदवाड़ा द्वारा गूगल क्लाउड मीटिंग के माध्यम से “बाल सुरक्षा और संरक्षण में पंचायतों व ब्लॉक/ग्राम बाल संरक्षण समिति की भूमिका उन्मुखीकरण पर अमरवाड़ा ब्लॉक हेतु ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती कल्पना तिवारी रिछारिया द्वारा बताया गया कि कोविड संक्रमण काल में हमारे सामने कई चुनौतियाँ नए स्वरूप में आई हैं। जिनमें एक बाल संरक्षण भी है। चूँकि ग्राम पंचायतें स्थानीय स्वशासन की एक प्रमुख इकाई है और मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज एक्ट 1993 के साथ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 अंतर्गत पंचायतों की कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ है ।
बाल संरक्षण अधिकारी चन्द्रशेखर नागेश ने समेकित बाल संरक्षण सेवाएं (आईसीपीएस) द्वारा बच्चों के समग्र संरक्षण के लिए ब्लॉक/ग्राम बाल संरक्षण समिति के माध्यम से पंचायत स्तर पर एक सामुदायिक सुरक्षा तंत्र निर्मित करने, बच्चों हेतु उचित परिवेश का निर्माण करने, उन्हें शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाने, तनाव मुक्त उचित पालन और देखरेख की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पंचायतों से समन्वय व कार्यदायित्व, प्रक्रिया और इसके लिए चाइल्ड लाइन नं 1098 एवं मनोसामाजिक कॉउंसलिंग सेवा नं. 8889983062 का उल्लेख किया।


जिला समन्वयक ममता एच आई एम सी संस्था के श्री नीलेश दुबे द्वारा कोरोना के बचाव हेतु बच्चों के संरक्षण, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पोषण और उसमें ग्राम पंचायतों व ग्राम बाल संरक्षण समिति की भूमिका के विषय मे जानकारी प्रदान की गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सुश्री करुणा साहू द्वारा जमीनी चुनौतियाँ पर प्रकाश डालते हुए आंगनबाड़ी के माध्यम से बच्चों और विशेषकर प्रवासी मजदूरों के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जैसी समस्त आवश्यक सेवाएं निरंतर प्रदान किये जाने और जागरूक किये जाने से अवगत कराया गया।


विधि अधिकारी श्री अतिशय जैन द्वारा पंचायत सहभागिता में विधिक पहलू और सुझावों की जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में अमरवाड़ा ब्लॉक के पंचायत सरपंच, सचिव, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

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