मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार आज नहीं गिर पाएगी


अंततः अंदाज सही टाला फ्लोर टेस्ट
ये थी हमारी भविष्य वाणी

भोपाल! न्यूज़ 4 इंडिया! 16 मार्च 2020 भोपाल में आज से विधानसभा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। विधानसभा सत्र का प्रारंभ परंपरागत रूप से राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस सत्र में भी राज्यपाल का अभिभाषण होना सुनिश्चित किया गया है ।जिस पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सहमत हैं। उल्लेखनीय है, कि बेंगलुरु में सिंधिया समर्थक 22 विधायकों की स्टे और कांग्रेस छोड़े जाने की अटकलों के बीच कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई है। आज ग्राउंड रियलिटी यह है कि इन 22 विधायकों में से 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए है। यह 6 वही विधायक हैं ,जो कमलनाथ सरकार में मंत्री थे ।इन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लेने के बाद भी बेंगलुरु में रुके शेष विधायकों को लेकर थोड़े से संशय की स्थिति बनी हुई है ।जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी का दावा है, कि बेंगलूरू में यह विधायक सिंधिया समर्थन है और अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। इन्होंने अपने स्तर पर इस्तीफे भाजपा नेताओं के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष की ओर प्रेषित कर दिए हैं।दूसरी ओर कांग्रेस ने भा जा पा पर ट्रेडिंग आरोप लगाया है और यह भी कहा है ,कि कमलनाथ सरकार के विधायक अगवा कर लिए गए हैं। कल, रात 9:30 बजे तक लगभग सुनिश्चित हो गया था ,कि राज्यपाल के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार आज फ्लोर टेस्ट की अग्नि परीक्षा से गुजरेगी ।परंतु रात 9:30 बजे विधानसभा के अधिकृत अधिकारी ने विधानसभा की कार्य सूची जारी की है ,जिसमें राज्यपाल के अभिभाषण का जिक्र तो है किंतु फ्लोर टेस्ट का कोई जिक्र नहीं है। इस तरह के नई घटना चक्र और स्थिति हो जाने से कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कमलनाथ सरकार का कांग्रेस सरकार बचाने का मास्टर प्लान है ,क्योंकि सरकार अल्प मत में है ।फ्लोर टेस्ट होते ही गिर जाएगी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने मांग की है कि बेंगलुरु में कांग्रेस के विधायक मध्य प्रदेश विधान सभा में उपस्थित हो ।उसके पश्चात ही फ्लोर टेस्ट की कार्रवाई को अंजाम दिया जाए ।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज भी दावा किया है, कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है और बीजेपी जबरन ही उनके विधायकों को बेंगलूर में रखे हुए हैं ,ताकि सरकार को अस्थिर कर सके। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी से शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अल्पमत में आई सरकार घबराई हुई है और जानती है कि फ्लोर टेस्ट होते ही गिर जाएगी इसलिए असंवैधानिक तरीके से राज्यपाल के आदेशों के उपरांत भी फ्लोर टेस्ट से बचने की कोशिश कर रही है। ऐसा अंदाज लगाया जा रहा है, कि कमलनाथ सरकार किसी भी तरीके से आज फ्लोर टेस्ट को टाल देगी। वहीं दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि बीजेपी इन स्थितियों के चलते बेंगलुरु से विधायकों को मध्य प्रदेश वापस लाने की तैयारी कर रही है ।वहीं दूसरी ओर शिवराज सिंह चौहान ने हाई कोर्ट जाने की तैयारियां भी कर ली हैं। कुल मिलाकर, आज कमलनाथ सरकार फ्लोर टेस्ट से बचकर रह जाएगी। अब भारतीय जनता पार्टी के पास तीन ही विकल्प बचेंगे ।
1एक कि वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
2 दूसरा कि वह राज्यपाल से शिकायत कर फ्लोर टेस्ट की मांग को दोहराएं और साथ ही विधानसभा में अपनी ओर से फ्लोर टेस्ट की मांग करें ।
3,तीसरा यह की बेंगलुरु से बागी विधायकों को अपने पक्ष में उपस्थित कर अल्पमत की पुष्टि करते हुए फ्लोर टेस्ट कराएं। अभी तो तुरंत ही सरकार गिरने की संभावना बेंगलुरु में रुके विधायकों के कारण अल्प मत होने के उपरांत भी कम हो गई है।
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