मेरी तो इच्छा है कि आरोपी को चौराहे पर खड़ा कर हाथ-पैर व नाक-कान काटकर उसके पाप की सजा दी जानी चाहिए

मासूमों के साथ ऐसी हरकत करने वाले दरिंदों और जानवरों की प्रवृत्ति वाले हैवान को क्या सजा दी जाए …..? हर सजा इनके लिए कम ही है .
देश का कोई कोना ऐसा नहीं बचा जहां मासूमों के साथ हैवानियत ना की गई हो। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घटित हुई जहां एक 8 साल की मासूम बच्ची जो मांडवा बस्ती में रहती थी के साथ दरिंदगी की गई ।यह मामला कमला नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जहां 8 वर्ष की बालिका अपने घर से कुछ सामान लेने के लिए बाहर निकली तो लौट कर नहीं आई। सुबह दूसरे दिन उस मासूम का शव नाले पर मिला। हालांकि आरोपी पकड़ा गया ।किंतु क्या उसका पकड़ा जाना है इस दरिंदगी का अंत है ।
प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी इस मौके पर मासूम बालिका की परिजनों से मिलने मांडवा बस्ती गई, वहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की और अपने दिल की बात कही, उन्होंने कहा कि ,ऐसे आरोपी को चौराहे पर खड़ा करके ऐसी सजा देनी चाहिए जिससे ऐसी मानसिकता के लोगों के मन में डर बैठे और आगे इस प्रकार का की घटना ना हो। बहुत ही भावपूर्ण शब्दों में उन्होंने कहा कि मेरी तो ऐसी इच्छा होती है कि ऐसे आरोपियों को चौराहे पर खड़ा करके उनके हाथ-पैर और नाक कान काट कर ही उनको उनके पाप की असली सजा दी जा सकती हैं ।

कानूनी तौर पर तो ऐसी दरिंदगी करने वालों को फांसी की सजा मिलती है यह सजा चार दीवारी के अंदर दी जाती हैं जिससे किसी को पता भी नहीं चल पाता है। अगर यह सजा बीच चौराहे दी जाएगी तो लोगों की ऐसे घिनौने कृत्य क्या अंजाम का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस विषय पर मुख्यमंत्री से और भी चर्चा करेंगी। साथ ही साथ उन्होंने इच्छा जाहिर की कि सुरक्षा के लिए इस प्रकार की बस्तियों के बाहर भी पुलिस चौकी स्थापित की जानी चाहिए।

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