श्रमिकों के विरूध्द अपराध प्रकोष्ठ का गठन

छिन्दवाड़ा/ 16 जुलाई 2020/ म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा श्रमिकों की समस्याओं का अत्यंत संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के लिये प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में श्रमिकों के विरूध्द अपराध प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से श्रमिक विधियों का प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिकों की सुरक्षा, उन्हें निर्धारित मजदूरी दिलाने, महिला श्रमिकों के प्रति भेदभाव और लैंगिक प्रताड़ना से रोकने, बच्चों को श्रमिकों के रूप में कार्य कराने से रोकने और हितग्राहियों को न्याय दिलाने का कार्य किया जायेगा। जिले का कोई भी ऐसा पीड़ित श्रमिक जिसके विरूध्द अन्याय या अत्याचार हो रहा हो या शासन के किसी विभाग अधिकारी, कर्मचारी अथवा उसके अंतर्गत आने वाली कोई एजेंसी द्वारा सामान्य मजदूरी नहीं दी जाकर श्रमिकों के विरूध्द भेदभाव किया जा रहा हो तो ऐसे श्रमिक न्याय प्राप्त करने और अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायालय में गठित श्रमिकों के विरूध्द अपराध प्रकोष्ठ में साधारण आवेदन दे सकते हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला जज श्री अरविंद कुमार गोयल ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा जिला मुख्यालय के साथ ही सिविल न्यायालय अमरवाड़ा, चौरई, जुन्नारदेव, परासिया, पांढुर्णा और सौंसर के अंतर्गत तहसील विधिक सेवा समितियों ने पैरालीगल वालेन्टियर्स की नियुक्ति की गई है तथा बड़ी जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों में कानूनी सहायता क्लीनिक स्थापित किये गये है जिसमें पैरालीगल वालेन्टियर्स सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को उपस्थित होकर जरूरतमंद व्यक्तियों को नि:शुल्क सलाह और सहायता प्रदान करने का कार्य करते हैं। जरूरतमंद और पीड़ित श्रमिक अपने क्षेत्र में सेवा देने वाले पैरालीगल वालेन्टियर के माध्यम से अपनी समस्या अथवा शिकायत का आवेदन प्राधिकरण में दे सकते हैं। शिकायत के संबंध में श्रमिकों को यह भी जानना आवश्यक है कि‍ प्राधिकरण में शिकायत कब की जा सकेगी। श्रमिकों के लिये यह भी आवश्यक है कि वे जहां कार्य करें उनकी उपस्थिति, मजदूरी कराने के लिये नियोक्ता का आदेश या अन्य कोई दस्तावेज सुरक्षित रखने का प्रयास करना चाहिये जिससे समय पर मजदूरी नहीं मिलने पर नियोक्ता के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जा सके। इस संबंध में श्रमिकों को जागरूक होने की आवश्यकता है।

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