स्टाफ नर्स और सीएमएचओ पर लगा ₹73000 का जुर्माना

एक महिला ने अपने जागरूक होने का परिचय देते हुए अपने हक की लड़ाई लड़ी और उन्हें सफलता भी मिली यह कोई कहानी नहीं है सच्चाई है मामला छिंदवाड़ा के सौसर विधानसभा क्षेत्र के एक ग्राम का है जहां एक 26 वर्षीय महिला ने उपभोक्ता फोरम में स्टाफ नर्स और तात्कालिक सीएचएमओ के खिलाफ एक परिवाद प्रस्तुत किया महिला ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई 2012 को सासर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स कविता गावंडे द्वारा उसकी प्रसूति कराई गई थी प्रसूति के दौरान स्टाफ नर्स ने टांका लगाने वाली सुई उसके प्राइवेट पार्ट में ही छोड़ दी थी इस घटना के लगभग 4 साल बाद महिला को पेट में तकलीफ और इन्फेक्शन जैसी शिकायतें शुरू हुई जिसका उपचार उसने नागपुर के एक निजी अस्पताल में कराया नागपुर में इलाज के दौरान पता चला कि महिला के प्रसव के दौरान ही उसके प्राइवेट पार्ट में सुई छोड़ दी गई थी जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है महिला ने 27 मार्च 2017 को परिवाद प्रस्तुत किया था और उसके द्वारा ढाई लाख क्षति पूर्ति की मांग की गई थी जिला उपभोक्ता फोरम ने इस महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए और तत्कालीन सीएमएचओ को संयुक्त रूप से पीड़िता को 73428 जुर्माना अदा करने के आदेश जारी किए हैं महिला ने ना केवल एक जागरूक नागरिक का फर्ज निभाया है बल्कि उसने एक जागरूक उपभोक्ता के अधिकारों को प्राप्त भी किया है आवश्यक है कि हम अपने अधिकारों को जाने और उस पर अमल करें ।
जागो ग्राहक जागो

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