स्मार्ट चोर पुलिस के लिए छोड़ता था संदेश कैच मी इफ यू कैन

सीखना और अपना कैरियर बनाने के लिए बस यही एक युवक का सपना होता है,पर यहाँ युवक ने अपना कैरियर बनाया चोरी करना और चोरी करके जब वह पकड़ा जाता और जेल जाता तो वह जेल में भी यह जानने की कोशिश करता था कि क्यों और अपनी किन गलतियों के कारण वह कैदी जेल पहुंचा, न सिर्फ उसने चोरी करके अपने कैरियर के रूप में चुना बल्कि यह काम धीरे-धीरे उसका जुनून बन गया और वह अपने इस चोरी के काम लिए इतना कॉन्फिडेंट हो गया कि वह चोरी करने के बाद पुलिस को चैलेंज देता था ।और उसने 1 नहीं कई बार पुलिस को चकमा दिया ।
मुंबई/ मुंबई का रहने वाला टेक्नो सेवी कुमार ही वह 27 वर्षीय युवक है जिसने चोरी को अपने कैरियर के रूप में चुना और उसे अपना जुनून बना दिया ।साथ ही वह अपने आप में इतना कॉन्फिडेंट रहता था कि वह चोरी करने की बाद उस जगह पर एक नोट छोड़कर जाता था जिसमें लिखा होता था “कैच मी इफ यू कैन ” वह इतना चालाक था कि उसे इस सीसीटीवी कैमरे से बचना भी आता था ।साथ ही वह अपना मोबाइल फोन को बदल लेता था और सिमकार्ड तोड़ कर फेंक देता था जिसके कारण पुलिस को उसकी किसी भी लोकेशन के बारे में जानकारी भी नहीं मिल पाती थी ।15 दिनों से ज्यादा एक स्थान पर पता भी नहीं रहता था।
लेकिन कहां जाता है ना बुराई का अंत तो होता ही है आखिर कार एक दिन पुलिस ने उसे पकड़ ही लिया । उसने एक व्यापारी के यहां चोरी करके उसने ऐसी एक चिट छोड़ी थी जहां से उसने व्यापारी का एक थिंक पेड और एक आईपैड चुराया था जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए थी। पुलिस ने भी इस बार इरादा कर लिया था कि उसके चैलेंज को पूरा किया जाएगा पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए उसका फोटो जारी किया और जाल बिछाया ।पुलिस ने उसके घर पर ही उसको पकड़ा ।हाला कि इसके लिए पुलिस को लगातार 6 घंटे का इंतजार करना पड़ा। पकड़े जाने के बाद युवक ने बताया कि वह बहुत अधिक पढ़ा लिखा नहीं है उससे यूट्यूब के माध्यम से फिल्म वीडियो देख देख कर यह सारी चीजें सीखा है। खुद को बचाने के लिए वह सारे तरीके इंटरनेट के माध्यम से सीखता था ।पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जो आइडिया बनाती थी उसे सीख कर ही वह हर बार पुलिस की पकड़ से बच जाता था उसने बताया कि जब भी पुलिस उसे जेल में बंद करती थी तो वहां भी कैदियों से इस बात का पता करता था कि आखिर उसने क्या गलती की जिसके कारण व जेल पहुंचा है कितने आश्चर्य की बात है कि जिस इंटरनेट यूट्यूब आदि की सुविधा अपनी तरक्की के लिए कर सकते हैं वही युवा आज के माध्यम से खुद को चोर और ना जाने कैसे-कैसे बुराइयों में फंसाता जा रहा है इसीलिए कहा जाता है कि विज्ञान जहां एक और वरदान है वहीं दूसरी और अभिशाप है अब निर्भर यह आप पर करता है कि आप उसे वरदान के रूप में स्वीकार करते हैं या स्वयं के लिए अभिशाप बनाते हैं।

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