स्वच्छता जांचने स्कूल पहुंचा ऑफिसर, गंदा टॉयलेट देख हाथों से की सफाई

कर्नाटक न्‍यूज 4 इंडिया।  केंपैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य रहा कि शिक्षक और आंगनवाड़ी कर्मी स्कूल को साफ नहीं रख पाए। ऐसी शिकायतें में मिलीं कि कक्षाओं के दौरान स्कूल की बच्चियों को जरूरत पड़ने पर टॉयलेट के लिए गांव स्थित उनके घरों में जाना पड़ रहा था।कर्नाटक के बंगारपेट के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) केंपैया ने एक अनोखी मिसाल कायम करते हुए स्वच्छता की अलख जगाई। एक स्कूल में टॉयलेट जाम होने की खबर उन्हें मिली तो जांच के लिए पहुंच गए। टॉयलेट को साफ करने की जहमत किसी ने नहीं उठाई तो केंपैया ने खुद ब्रश लिया और जाम पड़ी टॉयलेट को साफ कर दिया। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक टॉयलेट जाम की समस्या पर शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के शिक्षकों और बच्चों से सवाल-जवाब करने के बजाय खुद टॉयलेट साफ कर उन्हें शर्मिंदा कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक बंगारपेट के कन्नड़ हायर प्राइमरी स्कूल की जाम पड़ी टॉयलेट को कोई भी साफ करने के लिए तैयार नहीं था इसलिए शिक्षा अधिकारी ने खुद यह काम कर डाला। बंगारपेट तालुक में लगने वाले करमानाहल्ली गांव के लोगों और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के घरवालों ने बुधवार (19 सितंबर) को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के ध्यान में स्कूल की कक्षाओं और टॉयलेट में गंदगी की बात लाई थी। शिकायत मिलने पर शिक्षा अधिकारी ने स्कूल का दौरा किया।
जांच करते हुए शिक्षा अधिकारी ने गंदी और जाम पड़ी टॉयलेट देखकर नाखुशी जाहिर की और ब्रश लेकर सफाई करने लगे। इसके बाद पास में बाल्टी लिए खड़े शख्स ने पानी डाला। केंपैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य रहा कि शिक्षक और आंगनवाड़ी कर्मी स्कूल को साफ नहीं रख पाए। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसी शिकायतें में मिलीं कि कक्षाओं के दौरान स्कूल की बच्चियों को जरूरत पड़ने पर टॉयलेट के लिए गांव स्थित उनके घरों में जाना पड़ रहा था। उन्होंने बताया, ”यह शिकायत पाकर मैं स्कूल गया।”
शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मामले से संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। बता दें कि शिक्षा अधिकारी के द्वारा किया गया यह काम लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर सकता है। सोशल मीडिया पर शिक्षा अधिकारी के काम की तारीफ हो रही है। लोग शिक्षा अधिकारी केंपैया को सलाम कर रहे हैं।

Related posts

Leave a Comment