6 उंगली वाली जन्मी कन्या के एक एक उंगली काट दी, कहा अशुभ है ,और फिर क्या हुआ जाने

खंडवा। आदिवासी अंचल खालवा के वनग्राम सुंदरदेव में एक महिला को घर पर प्रसव हुआ। नवजात के हाथों में पांच की जगह छह-छह अंगुलियां थी। अंधविश्वासी और अशिक्षित परिजन ने नवजात के हाथ की एक-एक अंगुली घर पर ही काट दी। इसके कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। लगभग एक सप्ताह बाद नवजात की मौत पर से रहस्य उठा तो स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की खानापूर्ति शुरू कर दी। स्वास्थ्य विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए एक पंचनामा बनाकर और कर्मचारियों को नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी निभा ली है।
करीब एक सप्ताह पूर्व शुक्रवार-शनिवार की रात्रि में ग्राम सुंदरदेव के रामदेव पिता छोग्या की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। ग्राम में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में जननी एक्सप्रेस को सूचना नहीं दी जा सकी। घर में ही प्रसव हुआ और कुछ देर बाद शिशु की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग अब परिजनों की लापरवाही बता रहा है जबकिग्राम में ही प्रसव केंद्र स्थापित है। महिला के गर्भवती होने से लेकर प्रसव तक की समय-सीमा में स्वास्थ्य विभाग की आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम सहित अन्य अमला महिला को संस्थागत प्रसव कराने के लिए जिम्मेदार होता है।
क्षेत्र में आज भी लोगों के अशिक्षित होने व अंधविश्वास के चलते विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश प्रशासन खंड अधिकारी सहित मैदानी अमले को दिए हुए है। इसके बाद भी लापरवाही के चलते एक नवजात की मौत ने खालवा के स्वास्थ्य प्रशासन पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। बताया जा रहा है किजो नवजात कन्या ने जन्म लिया था उसके हाथ-पैरों में छह-छह अंगुलिया थीं। पांच की जगह छह अंगुलियों को परिजनों ने अशुभ मानते हुए जन्म के समय ही एक-एक अंगुली काटकर अलग कर दिया था। इस लापरवाहीपूर्वक किए गए कृत्य से शिशु की मौत हो गई।
इस संबंध में बीएमओ डॉ. शैलेंद्र कटारिया ने बताया किवनग्राम सुंदरदेव में नवजात शिशु की मौत के मामले में लापरवाही पर सेक्टर सुपरवाइजर, एएनएम, आशा सहयोगिनी और आशा कार्यकर्ता को नोटिस जारी किया गया है। परिजनों ने कबूल किया है किनवजात बच्ची के हाथ-पैर में अतिरिक्त अंगुलिया थी जिसे उसने शुभ नहीं मानते हुए काट दिया था। इसके चलते शिशु की कुछ ही घंटे बाद मौत हो गई। नवजात की मौत का पंचनामा बनाकर संस्थागत प्रसव में लापरवाह जिम्मेदार कर्मचारियों से जवाब-तलब किया है। साथ ही इसकी जानकारी जिला मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी को भी दे दी गई है।

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