छत्तीसगढ़

स्कूल प्रबंधन को भी आती है शर्म

स्कूल प्रबंधन को भी आती है शर्म

छत्तीसगढ़
स्कूल का ऐसा नाम कि बच्चे भी कहते हैं- मास्टर जी, नाम बदल दीजिए, बताने में भी आती है शर्म स्कूल का ऐसा नाम कि बच्चे भी कहते हैं- मास्टर जी, नाम बदल दीजिए, बताने में भी आती है शर्म बिलासपुर: छत्तीतगढ़ में एक ऐसा स्कूल है जिसका नाम बताने में भी वहां के बच्चे शर्माते हैं. उस स्कूल का नाम है अस्वच्छ धंधा. बच्चे यहां पढ़ने और पढ़कर निकले बच्चे भी दूसरों को बताने में शर्म महससू करते हैं. इस पर स्कूल मैनेजमेंट यह बात कहककर मुंह मोड़ लेता है कि यह एक सरकारी स्कूल है. सरकार और वहां के अफसरों के गलती की वजह से ऐसा 15 साल से जारी है. चांटीडीह क्षेत्र में अस्वच्छ धंधा नाम के इस स्कूल के नाम को बदलने की कोशिश हर साल होती है, पर केंद्र से आदिवासी विकास विभाग को इसी नाम पर होने वाली फंडिंग की वजह से फिर से सब वहीं अटक जाता है. इस साल फिर से अधिकारियों से नाम बदलने की मांग की गई है. इस स्कूल में प
ये मंत्री तो पिछले 9 सालों से नहीं लगा रहे अपने वाहन पर लाल बत्ती

ये मंत्री तो पिछले 9 सालों से नहीं लगा रहे अपने वाहन पर लाल बत्ती

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने वाहन पर नहीं लगाते लाल बत्ती रायपुर( छत्तीसगढ़)// केंद्रीय मंत्रिमंडल के देश में अति विशिष्ट संस्कृति को समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री समेत सभी विशिष्ट लोगों के वाहनों पर लाल बत्ती हटाने के निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत करने वाले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह अपने वाहन पर पिछले 9 वर्षों से लाल बत्ती नहीं लगा रहे हैं छत्तीसगढ़ में 2004 से चुनाव में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री का पिछले लगभग साढे 13 वर्षों से दायित्व संभाल रहे हैं डॉक्टर रमन ने वर्ष 2008 से अपने वहां से लाल बत्ती हटवा दिया था.
सी एम ने की सी एम की तारीफ

सी एम ने की सी एम की तारीफ

छत्तीसगढ़
रायपुर। एक दिवसीय दौरे पर आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार शाम रायपुर स्थित अपने निवास में गर्मजोशी के साथ आत्मीय स्वागत किया। परस्पर सौजन्य भेंट और दोनों राज्यों की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार को शुभकामनाओं सहित स्मृति चिन्ह भेंट किया। डॉ. सिंह से मुलाकात के दौरान नीतीश ने छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. सिंह से कहा - आपका पीडीएस सबसे अच्छा चल रहा है और यह देश की सर्वाधिक पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली है। बिहार के मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी तारीफ की। इस मौके पर बिहार के शिक्षामंत्री अशोक चौधरी भी उपस्थित थे।
59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार

59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार

छत्तीसगढ़, शिक्षा रोजगार
59 साल की उम्र में की पीएचडी, 34 साल पुराने सपने को किया साकार रायपुर, । उम्र के जिस पड़ाव में व्यक्तिगत अरमान कम होने लगते हैं, लोग अपने बेटे, पोते की अच्छी पढ़ाई के लिए चिंतित रहते हैं, उस पड़ाव में भिलाई इस्पात प्लांट में कार्यरत श्रीराम देवांगन ने 59 साल की उम्र में पीएचडी पूरी की। दिनभर प्लांट में काम करते और रात में लैम्प के सहारे अपनी थिसिस लिखते थे। समय बचाकर कॉलेज जाकर गाइड लेते और करीब पांच साल में पीएचडी पूरी की। श्रीराम देवांगन कहते हैं कि परिवार में अभी तक किसी ने पीएचडी नहीं की थी। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, इसलिए 34 साल के पुराने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई की। श्रीराम देवांगन कहते हैं कि उनको नौकरी भी नहीं मिलेगी। न ही वे किसी कॉलेज में पढ़ा सकते हैं, लेकिन उनके भीतर पढ़ने की जो जिज्ञासा थी, उसे पूरा करने के लिए काम के साथ पढ़ाई पूरी की। देवांगन ने तुलाराम कॉलेज
बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से

बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से

छत्तीसगढ़
बस्तर के शिवा जुड़ेंगे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों से जगदलपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भविष्य के अभियानों में बस्तर के युवा शिवा अग्रवाल की भूमिका भी होगी। वे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिन अंतरिक्ष विभाग के द्वारा आयोजित अखिल भारतीय परीक्षा में चयनित हुए हैं। इस परीक्षा में देश भर के लगभग 40 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। साक्षात्कार के बाद जो परिणाम घोषित किया गया है उसमें शिवा अग्रवाल ने 27वां स्थान हासिल किया है। प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे शिवा की शुरुआती शिक्षा शहर में हुई है। दुर्ग से बीई करने के प्रश्चात वे वर्तमान में आईआईटी दिल्ली में एमटेक कर रहे हैं।  
बिलासपुर में पुलिस के दौड़ाने से युवक को आया अटैक, मौत

बिलासपुर में पुलिस के दौड़ाने से युवक को आया अटैक, मौत

छत्तीसगढ़
बिलासपुर/तखतपुर,गुरुवार रात पुलिस ने सुभाष नगर में दबिश देकर जुआरियों को दौड़ाया। इस दौरान पुलिस घर से बाहर निकले एक युवक के पीछे भी जुआरी समझ कर दौड़ाने लगी। कुछ दूर तक भागने के बाद युवक को चक्कर आया और वह गिर गया। उसके दोस्तों ने घर पहुंचाया। इस बीच आधी रात को उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना तखतपुर की है। पुलिस को गुरुवार रात सूचना मिली की सुभाष नगर में जुआ चल रहा है। खबर मिलते ही पुलिस की टीम ने रात करीब 8.30 बजे दबिश दी। पुलिस को आते देखकर जुआरी इधर-उधर भागने लगे। वहीं पर प्रदीप गुप्ता का मकान है जब पुलिस वहां पहुंची तो शोर होने लगा। भगदड़ मचने के बाद प्रदीप गुप्ता का बेटा विनोद उर्फ चिंटु गुप्ता (28) वहां से भागने लगा। पुलिसकर्मी उसे भी दौड़ाने की कोशिश करते रहे। कुछ दूर तक दौड़ने के बाद वह हांफने लगा। फिर उसे अचानक चक्कर आया और गिर पड़ा। उसकी हालत देखकर दोस