[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: दुनियामे हलचल | News 4 India

दुनियामे हलचल

महिलाओं को शराब खरीदने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव पर राष्ट्रपति ने रोक लगाई

महिलाओं को शराब खरीदने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव पर राष्ट्रपति ने रोक लगाई

दुनियामे हलचल, मुख्य समाचार
श्रीलंका में महिलाओं को शराब खरीदने की इजाज़त देने वाले सरकार के कदम पर राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने रोक लगा दी है. श्रीलंका सरकार का मानना था कि मौजूदा क़ानून महिलाओं के साथ भेदभाव करता था. श्रीलंका सरकार ने यह भी प्रस्ताव रखा था कि शराब बिक्री स्थलों पर महिलाओं को काम करने की अनुमति दी जानी चाहिए. इसके बाद राष्ट्रपति ने सरकार के फैसले को पलटते हुए प्रतिबंध जारी रखने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें मीडिया के ज़रिए सरकार के इस कदम की जानकारी मिली. श्रीलंका में इस कानून को हालांकि कभी पूरी कड़ाई से लागू नहीं किया गया लेकिन पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में रहा. इस क़ानून के आने के बाद 60 साल में पहली बार 18 साल से अधिक उम्र की महिलाएं कानूनन शराब खरीद सकती थीं. क्या है कानून? श्रीलंका में वर्ष 1950 के दशक की शुरुआत में श्रीलंका द्वारा पारित कानून के मुताबिक, मह
ट्रम्प के बयान को किसने कहा -“पागल कुत्ते के भौकने जैसा*

ट्रम्प के बयान को किसने कहा -“पागल कुत्ते के भौकने जैसा*

दुनियामे हलचल, मुख्य समाचार
नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के नेताओं के बीच जुबानी जंग जब-तब देखने को मिलती है. अब नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बड़ा परमाणु बटन' वाले बयान को 'पागल कुत्ते का भौंकना' करार दिया है. ट्रंप ने ट्वीट किया था कि उनके पास नॉर्थ कोरिया के किम जोंग उन से बड़ा परमाणु बटन है और वह काम भी करता है. नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम ने नए साल के मौके पर अमेरिका से कहा था उनकी टेबल पर 'परमाणु बम का बटन' है. हालांकि, इसके बाद किम जोंग उन ने नरमी दिखाते हुए साउथ कोरिया के साथ बातचीत में शामिल होने और अगले महीने साउथ कोरिया में होने वाले प्योंगचांग के शरतकालीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने में रुचि दिखाई थी. इसके जवाब में ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा था, 'गरीब और भुक्खड़ सरकार का कोई शख्स उन्हें यह बता दे कि मेरे पास भी एक परमाणु बटन है और यह उनके बटन से ज्यादा बड़ा और ज्यादा ताकतवर है.
क्या मानसिक रोगी है ट्रंप, डॉ ने की जांच

क्या मानसिक रोगी है ट्रंप, डॉ ने की जांच

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वॉशिंगटन न्‍यूज 4 इंडिया। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर उठ रहे सवालों पर व्‍हाइट हाउस ने साफा किया है कि वे पूरी तरह से फिट हैं ट्रम्‍प का चेकअप करने वाले नेवी रियर एडमिरल डॉ. रोनी जैक्‍सन ने रिपोर्ट जारी की। उन्‍होंने बताया कि ट्रम्‍प एकदम स्‍वास्‍थ्‍य हैं वे राष्‍ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में इसी तरह फिर रहेंगे। जैक्‍सन ने बताया, ‘मॉन्ट्रियल कोगनिटिव असेसमेंट का इस्‍तेमाल करके की गई जांच में उन्‍हें 30 में से 30 अंक मिले’। डॉ. जैक्‍सन  ने कहा मैंने पाया कि ट्रम्‍प एकदम स्‍पष्‍ट बोलते हैं मैंने उन्‍हें कोई भी बात दोहराते कभी नहीं देखा। 71 वर्षीय ट्रम्‍प की लंबाई 6 फीट 3 इंच है।
इतना ठंडा बाहर निकलते ही जम गई आंखें

इतना ठंडा बाहर निकलते ही जम गई आंखें

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रूस न्‍यूज 4 इंडिया ।  पूरी दुनिया में ठंड का कहर जारी है. एक तरफ जहां नायग्रा फॉल्स जमी हुई है तो वहीं कनाडा में जोरदार ठंड पड़ रही है. लेकिन एक ऐसी जगह है जहां दुनिया की सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है. जहां लोगों का रहना मुश्किल हो गया है. रूस के साइबेरिया में बर्फ की घाटी में एक गांव बसा है जहां सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है. इस गांव का नाम है ओइमाकॉन है. यहां का पारा -62 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. इसे दुनिया का सबसे ठंडी जगह माना जाता है. इस गांव की कुल आबादी 500 है. ओइमाकॉन नाम के गांव में दुनिया की सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है. यहां का पारा -62 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. ओइमाकॉन गांव की कुल आबादी 500 है. यहां के लोगों का गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है. नदी से लेकर पेड़ सभी चीज जमी हुई है. सोशल मीडिया पर यहां की तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं. बता दें, ओइमाकॉन का
फैंटेसी मकड़ियों की हकीकत

फैंटेसी मकड़ियों की हकीकत

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वाशिंगटन न्‍यूज 4 इंडिया। विज्ञान का एक सिद्धांत यह है कि पहले परिकल्‍पना गढ़ी जाए, फिर उसे साबित करने के लिए उस पर शोध किया जाए। कुछ इसी तरह से वैज्ञानिकों ने मकडि़यों की सात नई प्रजातियों की खोज की है। जिन मकडि़यों की खोज हुई हे वे पहले से ही हॉलीवुड के चर्चित फिल्‍म और टीवी सीरीज के फैंटेसी किरदारों यानीगेम ऑफ थ्रोन्‍स के लॉर्ड वैरीज और हैरी पॉटर सीरीज के अरॉगॉग के रूप में मौजूद थे। बाकियों के नाम द लॉर्ड ऑफ द रिग्‍स द सिल्‍मैरिलियन, एचपी लोवेक्राफ्टस की द कॉल ऑफ थुलुथू और बच्‍चों का पसंदीदा किरदार शॉली वेब और लिटिल मिस स्‍पाइडर पर रखे गए हैं। असल में चर्चित किरदारों के नाम पर रखने की अहम वजह यह है कि फिल्‍मों के जैसे ही 6 आंखों वाली ये मकडि़यां उत्‍तरी ब्राजील में कई छोटी-छोटी गुफाओं में रहती हैं और इनके व्‍यवहार भी काफी कुछ टीवी सीरीज की मकडि़यों जैसे ही मिलते-जुलते हैं इनकी खोज ब
मैं नस्लवादी नहीं हूं 

मैं नस्लवादी नहीं हूं 

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वाशिंगटन न्‍यूज 4 इंडिया। अफ्रीकी देशों को लेकर की गई अभद्र टिप्‍पणी के बाद आलोचना झेल रहे अमरीकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने 14 जनवरी को सफाई दी। ट्रंप ने कहा कि व नस्‍लवादी नहीं हैं वाशिंगटन पोस्‍ट की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने कहा कि आपने जब तक जिल लोगों का भी साक्षात्‍कार लिया होगा मैं उन सभी में सबसे कम नस्‍लवादी हूँ। पिछले सप्‍ताह एक बैठक में ट्रंप ने कहा था कि शिटहोल्‍स देशों से हमारे देश में लोग क्‍यों आते हैं इस पर संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार के प्रवक्‍ता रूपर्ट कॉलविले ने कहा था कि राष्‍ट्रपति की टिप्‍पणियां शर्मनाक और नस्‍लवादी हैं।
द संस्कृत इफेक्ट, अब आप भी करें वैदिक मंत्रों का उच्चारण

द संस्कृत इफेक्ट, अब आप भी करें वैदिक मंत्रों का उच्चारण

दुनियामे हलचल
वॉशिंगटन न्‍यूज 4 इंडिया। एक अमरीकी जर्नल में दावा किया गया है कि वैदिक मंत्रों के उच्‍चारण और उन्‍हें याद करने से दिमाग के उसी हिस्‍से में बढ़ोतरी होती है जिसका काम संज्ञान लेना है, यानी की चीजों को याद करना है डॉ. जेम्‍स हार्टजेल नाम के न्‍यूरो साइंटिस्‍ट के इस शोध को साइंटिफिक अमरीकीन नाम के जनरल ने प्रकाशित किया है। न्‍यूरो साइंटिस्‍ट डॉ. हार्टजेल ने अपने शोध के बाद ‘द संस्‍कृत इफेक्‍ट’ नाम का टर्म तैयार किया है वह अपने रिपोर्ट में लिखते हैं कि भारतीय मान्‍यता यह कहती है कि वैदिक मंत्रों का लगातार उच्‍चारण करने और याद करने की कोशिश से याददाश्‍त और सोच बढ़ती है। इस धारणा की जांच के लिए डॉ. जेम्‍स और इटली के ट्रेन्‍टो यूनिवर्सिटी के उनके साथी ने भारत स्थित नेशनलब्रेन रिसर्च सेंटर के डॉ तन्‍मयनाथ और डॉ. नंदिनी चटर्जी के साथ टीम बनाई। एक्‍सपर्ट की इस टीम ने 42 वॉ‍लटियर्स को चुना, जि
विकेट से छोटी थी लंबाई, अब बन गये रन मशीन

विकेट से छोटी थी लंबाई, अब बन गये रन मशीन

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मुंबई न्‍यूज 4 इंडिया। मुंबई का आजाद मैदान1 यहां एक साथ अक्‍सर 18-20 मैच खेले जाते हैं। सभी खिलाडि़यों का ध्‍यान अपने-अपने मैंचों पर होता है, लेकिन जब यहां पृथ्‍वी शॉ बैटिंग करते हैं तो दूसरी टीमों के खिलाडि़यों के साथ उनके माता-पिता और कोच का भी ध्‍यान पृथ्‍वी की ही बैटिंग में लगा रहता है। लोग उन्‍हें चियर करने दूर-दूर से आते हैं वे मुंबई के सबसे लोकप्रिय युवा क्रिकेटर्स में से हैं। पृथ्‍वी शॉ न्‍यूजीलैंड में चल रहे अंडर-19 विश्‍वकप में भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभाल रहे हैं और 14 जनवरी को भारत का टूर्नामेंट में पहला मैच है पृथ्‍वी तब से क्रिकेट खेल रहे हैं जब उनकी लंबाई क्रिकेटके स्‍टम्‍स से भी कम होती थी। अब उन्‍हें क्रिकेट के जानकार रन मशीन कहते हैं करीब 10 साल से पृथ्‍वी को कोचिंग दे रहे राजु पाठक बताते हैं कि जब उन्‍होंने पहली बार पृथ्‍वी को ट्रायल के लिए रिजवी स्प्रिंगफील्‍ड स
सीधे आकाश से दवाईयां

सीधे आकाश से दवाईयां

दुनियामे हलचल, मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
मणिपुर न्‍यूज 4 इंडिया। देश में पहली बार एयरक्‍लीनिक सुविधा मणिपुर में मार्च 2018 से शुरू हो रही है। यह क्‍लीनिक दूरदराज के गांवों में नियमित दौरा करेगा। नौ सीट के हेलीकॉप्‍टर में सभी दवाएं मौजूद होंगी। इसमें प्रसव भी कराया जा सकेगा और आपात स्थिति के लिए इसमें खून भी रहेगा। मणिपुर के दूर दराज के पहाड़ी जिले सेनापति के गांवों में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कोई बीमार हो जाए तो इंफाल या जिला मुख्‍यालय जाना पड़ता है। जो नामुमकिन के बराबर है। उँचे पहाड़ों पर बसे इन इलाकों तक राजधानी इंफाल से जाना हो तो दो से तीन दिन तक लग जाते हैं उसमें भी लंबा पैदल और बस का सफल शामिल है। सेनापति जिले जैसा ही हाल मणिपुर के दूसरे पहाड़ी जिलों चूड़ाचांदपुर, तामलोंग, उखुल, चांदेल और फ्रीजॉल का भी है एक तो इन पहाड़ी जिलों की कनेक्टिविटी खराब है ऊपर से चरमपंथियों के डर से डॉक्‍टर भी इन इलाकों में जाने से कतराते
आखिरकार उन्हें बुलाना ही पड़ा

आखिरकार उन्हें बुलाना ही पड़ा

दुनियामे हलचल, मुख्य समाचार
वर्ष 2001 में जब जी एस एल वी की लगातार 7 उड़ाने विफल हुई तो उसका विश्लेषण करने के लिए कई बार बैठक हुई मशीन कंट्रोल में एक मिली मीटर की गलती भी पूरा अभियान चौपट कर देती थी 2007 में रिकवरी फ्लाइट में भी गड़बड़ी हुई और जीएसएलवी का कंट्रोल सिस्टम साथ नहीं दे रहा था अप्रैल 2010 में भारतीय क्रायोजेनिक इंजन में टर्बो जेट पंप में गड़बड़ी के कारण सफलता नहीं मिली तब इसरो के प्रमुख वैज्ञानिक को विचार आया कि क्यों ना विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे के सिवन को इसमें शामिल किया जाए वह एयरोनाटिक्स के जानकार हैं और म्यूजिक लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी का काम देख रहे हैं मिशन डिजाइन सिमुलेशन दोनों में उनकी महारत हासिल है ् लिहाजा उनसे बात की गई उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए इस पर काम शुरु किया तमाम ग़लतियों का आकलन करने के बाद जीएसएलवी के सारे परीक्षण किए और जीएसएलवी