मध्य प्रदेश

आख़िर क्यों हुए अमित शाह ,चौहान से खफा

आख़िर क्यों हुए अमित शाह ,चौहान से खफा

मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
MP में स्वागत कराने और भाषण सुनने नहीं आया हूं : अमित शाह भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार सुबह 9 बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया, इस दौरान उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और मंत्रिमंडल के सभी सदस्य मौजूद थे। इसके बाद रास्ते में उनका स्वागत हुआ और करीब 12 बजे वो बैठक स्थल पर पहुंच पाए। स्वागत और भाषणों की इस लंबी प्रक्रिया से शाह नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि वे मप्र में स्वागत कराने और भाषण सुनने नहीं आए हैं। समय के मामले में पाबंद माने जाने वाले अमित शाह की पहली बैठक डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। स्वागत भाषण के दौरान शाह ने नंदकुमार सिंह चौहान को टोका और कहा कि ज्यादा भूमिका मत बनाइए। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ही उनका स्वागत कर बैठक शुरू की। बैठक में केंद्रीय पदाधिकारी, कोर ग्
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

छिंदवाड़ा अप्डेट्स, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय खबर
सारिका श्रीवास्तव चीफ एडिटर न्यूज़4इंडिया टी वी नफरत बूरी है ,न पालो इसे, दिलो में खालिश है ,निकालो इसे, न तेरा ,न मेरा, न इसका, न उसका, ये सबका वतन है,संभालों इसे। स्वत्रंता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
मैं एक संवेदनशील व्यक्ति हु…सी एम्

मैं एक संवेदनशील व्यक्ति हु…सी एम्

मध्य प्रदेश
सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र के प्रभावितों के लिए उचित पुनर्वास की मांग को लेकर मध्यप्रदेश के धार जिले के चिखल्दा गांव में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर (62) और उनके साथ उपवास पर बैठे अन्य लोगों को पुलिस ने 12वें दिन आज धरना स्थल से उठाकर इंदौर, बड़वानी और धार के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ट्वीट कर कहा, मैं संवेदनशील व्यक्ति हूँ। चिकित्सकों की सलाह पर मेधा पाटकर जी व उनके साथियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मेधा पाटकर और उनके साथियों की स्थिति हाई कीटोन और शुगर के कारण चिंतनीय थी। इनके स्वास्थ्य और जीवन के लिए हम प्रयासरत हैं। मुख्य
न्याय करने वाले ने मांगा खुद के लिए न्याय

न्याय करने वाले ने मांगा खुद के लिए न्याय

मध्य प्रदेश
जबलपुर (मध्यप्रदेश )// @ 15 महीने में 4 ट्रांसफर @जबलपुर हाई कोर्ट के बाहर धरने पर बैठे जज @ बोले मैं एक जज हूं मुझे भी न्याय चाहिए - जबलपुर हाईकोर्ट के 61 साल के इतिहास में पहली बार कोई जज कोर्ट के सामने धरने पर बैठा है गेट नंबर 3 पर एडीजे आर के श्रीवास सत्याग्रह कर रहे हैं उनके इस विरोध की वजह 15 महीने में 4 बार ट्रांसफर है पहले वे कोर्ट परिसर में धरना देना चाहते थे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं आने दिया गया ।उनका कहना है कि सच बोलने की वजह से उन्हें बार-बार ट्रांसफर कर प्रताड़ित किया जा रहा है इसलिए अब वह न्याय की गुहार के लिए धरने पर बैठ गए हैं। धरने के दौरान डीजे आरके श्रीवास की बेबसी उनके चेहरे पर साफ देखी जा सकती है, उनका कहना है कि चीफ जस्टिस और रजिस्ट्रार जनरल को अपने साथ हुए अन्याय से अवगत करा चुका हूं इसके बावजूद हाईकोर्ट प्रशासन से अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है ,हर 4
10 मिनट में दो महिलाओं ने दिया घटना को अंजाम और हो गईं गायब

10 मिनट में दो महिलाओं ने दिया घटना को अंजाम और हो गईं गायब

मध्य प्रदेश
इटारसी। पुलिस अधीक्षक ने आज एलकेजी ज्वेलर्स का निरीक्षण किया, संचालकों से बातचीत के बाद उन्होंने वहां के कर्मचारी से भी चर्चा कर घटना का ब्यौरा लिया। सुबह करीब 9:40 बजे इटारसी थाने पहुंचे एसपी अरविंद सक्सेना ने सबसे पहले थाने का निरीक्षण किया, अपराधों की समीक्षा कर पेंडिंग मामलों की जानकारी ली। इसके बाद वे एलकेजी ज्वेलर्स पहुंचे जहां सोमवार को महिलाओं ने करीब सवा पांच लाख रुपए की ज्वेलरी चुरा ली थी। पुलिस ने मामले में धारा 380 का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। एसपी श्री सक्सेना ने निरीक्षण के बाद कहा कि इसमें किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है, जो अलग-अलग हिस्सों में काम करते हैं। भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और बीना में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हम इनकी टेक्निक का परीक्षण कर रहे हैं, उम्मीद है जल्द ही वारदात का पर्दाफाश होगा। उल्लेखनीय है कि शहर के प्रसिद्ध सराफा संस्थान एलकेजी ज्वेलर्स में
एस. पी. की पत्नी ने किसे लिया गोद

एस. पी. की पत्नी ने किसे लिया गोद

मध्य प्रदेश
भोपाल। खंडवा पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन की पत्नी शुभांगी भसीन ने जिले के खालवा ब्लॉक के कुपोषण प्रभावित आदिवासी बाहुल्य गांव सांवलीखेड़ा को गोद लिया है। बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए यह दंपति हर हफ्ते ग्रामीणों के बीच पहुुुंचकर लोगों को कुपोषण मिटाने की समझाइश देते हैं। साथ ही चिकित्सक एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की मौजूदगी में बच्चों को फल, खिलौने एवं पाठ्य सामग्री आदि का वितरण करते हैं। हाल ही में सांवलीखेड़ा में ग्रामीणों के बीच शुभांगी भसीन ने आदिवासी महिलाओं को बच्चों की साफ-सफाई रखने और स्वस्थ रखने की जानकारी दी। इस दंपति का कहना है कि वे दो महीने के भीतर गांव के माथे से कुपोषण का दंश मिटा देंगे। उनके अनुसार कुपोषण देश की तरक्की में कैंसर की तरह है।
पुलिस अधिक्षक ने किससे कही अपने मन की बात ?

पुलिस अधिक्षक ने किससे कही अपने मन की बात ?

मध्य प्रदेश
सिवनी//पुलिस अधीक्षक तरूण नायक ने आज अपने मन की बात किसानों से कही उन्होंने किसान संघ के सदस्य किसानों से चर्चा करते हुए शांति व कानून व्यवस्था में सहयोग देने की अपेक्षा व्यक्त की। एसपी नायक ने कहा कि किसान इस देश का अन्नदाता है और अक्सर आपसी विवाद के कारण वह अपने मूल कार्य कृषि से दूर हो जाता है, जिसके कारण उसके परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति मध्यस्तता करते हुए आपसी विवादों को निपटाने में सहयोग करता है तो किसान पुन: अपने कार्य में लग सकता है और उसे कृषि कार्य से इतनी आय तो हो ही सकती है। जिसमें वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। श्री नायक ने कहा कि पहले बच्चे के गलती करने पर बड़े उनके कान खिंचते थे और बुजुर्ग दादा-दादी की डांट पड़ती थी। लेकिन अब वह दौर नही रहा अगर बच्चों में बड़ों के प्रति भय बना रहे तो निश्चित ही बच्चे अपने मार्ग से नही भटक सकते। अ
मध्यप्रदेश में अब खेती नहीं रेती का धंधा

मध्यप्रदेश में अब खेती नहीं रेती का धंधा

मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार
*मध्यप्रदेश में अब खेती नहीं रेती का धंधा* कृषि प्रधान प्रदेश के मुखिया के बोल सुनकर बुद्धि जीवी जरा विचार करके देखें ....... जब किसी कृषि प्रधान प्रदेश का मुखिया ही कहें कि किसान खेती छोड उद्योग कर नौकरी में आए, उद्योग लगाएं और टाटा अंबानी जैसे उद्योगपति बन जाएं, तो क्या ऐसी सरकार को बने रहने का अधिकार है ??अभी कुछ समय पहले की ही बात है जब प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं ही बयान देकर यह कहा था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करके उन्हें ऊपर उठाया जाएगा ।अब आप ही सोच लीजिए जो सरकार अपने ही दावों और वादों को पूरा कर पाने में सक्षम ना हो ........ वो क्या प्रदेश की कमान संभालेंगे??? आखिर उनकी बड़ी-बड़ी बातों और वादों की पोल खुल ही गई ... किसी और ने नहीं...,,,,, खुद शिवराज सिंह ने ही खोल दी अपनी पोल । इस संबंध में कांग्रेसियों का है कहना-- ✔प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरु

राम आएंगे तो मीरा को भी आना ही होगा

मध्य प्रदेश, मुख्य समाचार, राष्ट्रीय खबर
भोपाल //राजग से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के विभिन्न राज्यों में विधायकों और सांसदों से वोट मांग रहे हैं ,ऐसे में उनकी मध्यप्रदेश भी आने की संभावना है ।कांग्रेस भी अलर्ट है ,कोविंद मध्य प्रदेश आते हैं तो यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को भी लाने की कोशिश होगी ।कोविंद मध्यप्रदेश में 8 जुलाई को आ सकते हैं ,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी आ सकते हैं। अभी कोविंद का अधिकृत कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है ।वहीं दूसरी ओर यूपी उम्मीदवार मीरा कुमार 28 जून को नामांकन भरने के बाद मतदाता विधायक , सांसदों से वोट मांगेंगे।राजग उम्मीदवार की तरह यें भी राज्य में जाकर वोट मांग सकती हैं ।ऐसे में मध्य प्रदेश आने की संभावना है हालांकि मध्यप्रदेश में भाजपा के मुकाबले कांग्रेस विधायकों और सांसदों की संख्या कम है।
*अन्य आश्वासन और वादों की तरह झूठा और कोरा ही रहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह आश्वासन भी,*

*अन्य आश्वासन और वादों की तरह झूठा और कोरा ही रहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह आश्वासन भी,*

मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय खबर
*प्रदेश भर के व्यापारियों में भारी रोष* छिंदवाड़ा //भारत सरकार की नई पहल जीएसटी जो 1 जुलाई से लागू होने वाला है ,जीएसटी लागू हो जाने से सही मायने में इंडिया को डिजिटल इंडिया बना सकेंगे ,किंतु जीएसटी लागू करने की *प्रदेश सरकार* की तैयारी अधूरी है .*मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जो प्रदेश के व्यापारी हड़ताल करने का निर्णय ले रहे थे तब उन्हें आश्वासन दिया था कि मैं जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों की मांगों को मनवा कर ही आऊंगा.* *परंतु यह आश्वासन झूठा निकला* मध्यप्रदेश में आज व्यापारियों में जीएसटी विरोधी प्रावधानों उनकी प्रक्रिया में त्रुटियों एवं टैक्स दर की विसंगतियों के कारण अत्यधिक असंतोष एवं आक्रोश है यह निर्णय छोटे और मध्यम व्यापारियों की व्यापार में आने वाली कठिनाइयों को समझे बगैर लिया जा रहा है वास्तविक तौर पर देखा जाए तो इसका सबसे ज्यादा विपरीत प्रभाव छोटी एवं मध्यम