प्रदेश में इनसे है भाजपा-कांग्रेस दोनों को खतरा

भोपाल। मध्य प्रदेश में सामान्य और ओबीसी वर्ग का राजनीतिक संगठन ‘सपाक्स” विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरा तो भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों को नुकसान पहुंचाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो पांच हजार से कम मार्जिन की जीत वाली दो दर्जन सीटों के परिणामों को सपाक्स प्रभावित कर सकता है। इसका ज्यादा नुकसान भाजपा को होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इसकी वजह ये है कि सामान्य वर्ग आमतौर पर भाजपा का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। ओबीसी वर्ग में भी ज्यादातर लोग भाजपा के साथ हैं। पार्टी नेताओं की भी यही सोच है कि इन वर्गों की नाराजगी को समय रहते दूर नहीं किया गया तो चुनाव में इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
नाराजगी मिटाने के लिए मंथन शुरू

एससी-एसटी एक्ट को लेकर रविवार को भोपाल के कलियासोत मैदान में सपाक्स की सफल रैली ने भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चिलचिलाती धूप में जिस तरह से प्रदेश भर के लोग रैली में पहंुचे, उससे सत्ताधारी और विपक्षी दलों की धड़कन तेज हो गई है।
खासतौर से भाजपा के नेता सपाक्स की रैली की पल-पल की खबर लेते रहे। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि चुनाव से पहले इन वर्गों की नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी में चिंतन शुरू हो गया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि
ऐसी सीटों पर सपाक्स की मौजूदगी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। पार्टी के थिंक टैंक की सोच है कि जहां भी सपाक्स के प्रत्याशी खड़े होंगे, वहां वे तीन से पांच हजार वोट आसानी से पा लेंगे। यदि इतने ही वोटों से हार-जीत हुई तो पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।

समझाइश देने की तैयारी

सपाक्स की रैली के बाद भाजपा इस तैयारी में है कि किसी तरह सामान्य और पिछड़े वर्ग के वोटों में लग रही सेंध को रोका जाए। इसके लिए कई तरह से चिंतन किया जा रहा है। खासतौर से पदोन्न्ति में आरक्षण जैसे विषय से कैसे राहत दी जाए, इसका हल तलाशा जा रहा है। माना जा रहा है कि राहत पैकेज को सरकार आचार संहिता लगने से पहले लागू कर सकती है।

हितों के टकराव से उठकर सोचें
भाजपा सबका साथ और सबका विकास चाहती है। अगर किसी संगठनों का कोई आग्रह है तो वे अपने वर्ग की बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन राजनीतिक दलों को हितों के टकराव से ऊपर उठकर सोचना जरूरी है। हम हर मतदाता तक एकात्मता की राजनीति का संदेश पहुंचाने का प्रयास करेंगे, यही हमारी रणनीतिक दिशा होगी।

– डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, मप्र भाजपा

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