एशिया का पहला अंतरराष्‍ट्रीय आयोजन

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। एडवेंचर नेस्‍ड 2018 का आयोजन एशिया में पहली बार भोपाल में होने जा रहा है। यह आयेाजन तीन दिसंबर को राजधानी के मिंटो इाटरनेशनल कन्‍वेशन सेंटर में किया जाएगा।

बता दें कि राजधानी में बनकर तैयार हुआ यह कन्‍वेंशन सेंटर ऐसा पहला सेंटर है जिसको अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार किया गया है। यह सेंटर अब अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के बड़े आयोजन और सम्‍मेलनों के लिए ही तैयार किया गया है। इसके तैयार हो जाने से अब भोपाल में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के आयोजनों को किया जा सकता है। इसे तैयार करने में मध्‍य प्रदेश पर्यटन विभाग की म‍हत्‍वपूर्ण भूमिका है।

इसे तैयार करने का कुल तीस माह का लक्ष्‍य था जिसे 27 माह में तैयार किया गया है। 15 जून 2016 को भोपाल स्थित मिंटो हाल जिसे पुरानी विधान सभा के नाम से भी जाना जाता है को रेनोवेट करने का काम शुरू किया गया।

इसके पूरा किया जाने का लक्ष्‍य दिसंबर 2018 तक था लेकिन दिन रात एक करके इसे समय सीमा में ही पूरा कर लिया गया और एक अक्‍टूबर को सीएम के हाथों लोकार्पित भी कर दिया गया।

ऐसा है कन्‍वेंशन सेंटर

मिंटो इंटरनेशनल कन्‍वेंशन सेंटर जो कि कुल दस एकड़ में फैला हुआ है। इसे नए रूप देने में कुल 62 करोड़ रूपए खर्च हुए हैं। इसमें 33 हजार वर्गफीट में बैठक व्‍यवस्‍था है जिसमें कुल 1100 लोगों को एक साथ बैठाने की व्‍यवस्‍था है। भूतल और प्रथम तल के व्‍यवस्‍था है। भूतल और प्रथम तल के साथ कुल 6 कमरे हैं जिसमें दो प्रमुख रूप से राजा भोज हाल और नवाब बेगम हाल है। प्रथम तल पर रेस्‍टोरेंट की व्‍यवस्‍था है।

गौरतलब है कि यहां केवल बैठक की व्‍यवस्‍था है ठहरने के लिए कहीं अन्‍य व्‍यवस्‍था करनी होगी। इसमें आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्‍यान रखा गया है। पूरे भवन में 350 टन का सेंट्रल एसी और तीन लिफ्ट लगाई गई हैं।

खास बात यह है कि यहां आने वाले दिव्‍यांग जनों के लिए पूरा ध्‍यान रखा गया है। वे चाहें तो भूतल और प्रथम तल तक सीधे गाड़ी से बैठक स्‍थल तक जा सकते हैं। यहां दो बड़े लान और 200 कार तथा 300 दो पहिया वाहनोंके लिए विशेष पार्किंग भी बनाई गई है। एंबूलेंस और फायर फाईटिंग सहित अन्‍य सुविधाएं भी हैं। मीडिया के 40 लोगों की बैठक व्‍यवस्‍था अलग से गई है।

इनका कहना है

भारत में हेरिटेज लुक का इस प्रकार की यह पहला भवन है। इसे अंतर्राष्‍ट्रीय कन्‍वेंशन सेंटर के रूप मं तैयार किया गया है। मेरी जानकारी में इस प्रकार का कोई दूसरा भवन अभी नहीं है। इसमें किसी प्रकार का कोई वास्‍तुदोष भी नहीं है। यह सेंटर अब आगामी सौ वर्षों को ध्‍यान में रखकर समय सीमा में तैयार किया गया है।

-मिलिदं जुमड़े, आर्कीटेक्‍ट

भवन मिंटो हाल के रूप में जाना जाता था जो कि बहुत कमजोर और जीर्ण हो चुका था। इसकों नए रूप में तैयार करना एक चुनौती जैसा था, लेकिन अथक प्रयासों से इसे समय रते पूरा कर लिया गया। अब भोपाल को इस कन्‍वेंशन सेंटर के लिए भी जाना जाएगा। हमें विश्‍वास है कि यह अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक नई पहचान देगी।

वास्‍तु का विशेष ध्‍यान

मिंटो हाल को नए रूप में दिए जाने से पहले इसके वास्‍तु पक्ष का विशेष ध्‍यान रखा गया है। जानकारी के अनुसार यह भवन बनाते समय भी इस बात का ध्‍यान रखा गया था जिसके चलते यहां किसी प्रकार का वास्‍तुदोष नहीं मिलता। इस सेंटर को नए लुक देने में कुल नौ एजेंसियों ने अथक प्रयास किया है।

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