हिंदी अंग्रेजी के फेरबदल में अटकी 100000 किसानों की डिटेल

छिंदवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। जिले में खरीफ फसल के लिए भावांतर के पंजीयन कर लिए गए है और इस साल 1 लाख से ज्‍यादा किसानों ने खरीफ फसल का पंजीयन कराया है लेकिन विभाग से आए एक आदेश बाद कर्मचारियेां की फजीहत बढ़ गई है। अब कर्मचारियेां को सभी किसानों के नाम फिर से अंग्रेजी में पोर्टल में फीड करने पड़ रहे हैं। जिले में एक लाख किसानों ने पंजीयन करा लिया और अपनी डिटेल भी शासन को दे दी है। पंजीयन के दौरान कर्मचारियों ने किसानों की डिटेल अंग्रेजी में ही भरी थी, लेकिन अचानक सारी डिटेल को हिंदी में कनर्वट कर दिया गया है। अब पंजीयन पूरा होने के बाद विभाग को पता चला की किसानों के भावांतर का भुगतान उसी नाम पर किया जा सकता है जिस नाम से किसानों का खाता बैंक में खुला है, लेकिन किसानों के नाम हिंदी में पंजीयन केंद्र के कर्मचारियों के निर्देश जारी किए हैं कि वे किसानों के दस्‍तावेजों के साथ दिए गए बैंक खाते की डिटेल के आधार पर फिर पोर्टल में किसानों क डिटेल दाखिल करें। हालांकि इस काम के लिए किसानों को फिर से नहीं बुलाया जाएगा, लेकिन कर्मचारियों को एक लाख से भी ज्‍यादा किसानों की डिटेल फिर से भरनी पडे़गी।

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