यौन हिंसा रोकने पर मिला शांति का नोबल

न्‍यूज 4 इंडिया।नॉर्वे. शांति का नोबेल इस साल काॅन्गो के डेनिस मुकवेज और नादिया मुराद को दिया जाएगा। शुक्रवार को नोबेल नॉर्विजियन कमेटी ने इसका ऐलान किया। युद्ध के दौरान होने वाले यौन हिंसा की रोकथाम के प्रयास के लिए डेनिस और नादिया को इस अवॉर्ड के लिए चुना गया।

 

कौन हैं मुकवेज और मुराद?
कॉन्गो के रहने वाले मुकवेज जाने-माने सर्जन और बुकावु शहर में पनजी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर हैं। यौन हिंसा पर लगाम लगाने और यौन हिंसा के शिकार लोगों को बचाने के लिए मुकावेज काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं। नोबेल कमेटी के अध्यक्ष बेरिट रीस एंडरसन ने कहा कि दोनों विजेताओं ने मासूमों को बचाने के लिए कई बार अपनी जान जोखिम में डाली।

मुराद इराक की मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वे उन हजारों यजीदी लड़कियों में से हैं, जिन्हें आईएसआईएस के आतंकियों ने अगवा करके सेक्स स्लेव बना दिया था। वे मोसुल के रास्ते किसी तरह अपनी जान बचाकर आतंकियों के कब्जे से बच निकली थीं। 2016 में अमेरिकी कांग्रेस के सामने अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका से आईएस को खत्म करने की अपील की थी। नोबेल कमेटी ने उन्हें हजारों महिलाओं की आवाज बनने के लिए बधाई दी।

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