[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: बीस साल पुरान संकल्‍प हुआ पूरा | News 4 India

बीस साल पुरान संकल्‍प हुआ पूरा

नरसिंहपुर न्‍यूज 4 इंडिया। पूर्व मुख्‍यमंत्री एवं राज्‍यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा यात्रा का 9 अप्रैल को नर्मदा के तट बरमान खुर्द में समापन हुआ। 30 सितंबर 2017 को शुरू हुई यात्रा के समापन पर श्री सिंह ने कहा कि 20 वर्ष पूर्व किया गया संकल्‍प मां नर्मदा की कृपा से पूरा हो गया। दो दशक पहले मंडला के रेस्‍ट हाउस में जो अनुभूति हुई थी, उसकी चर्चा रामेश्‍वर नीखरो से की। योजना बनी, नर्मदा परिक्रमा के महत्‍व को समझा और फिर जगद्गुरू शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती से आशीर्वाद लेकर यह परिक्रमा शुरू की।

अपने अनुभवों को बांटते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा में व्‍यक्ति खाली झोली लेकर जाता है और भरी झोली लेकर लौटता है। जबकि अन्‍य तीर्थों में भरी झोली लेकर जाते हैं और खाली झोली लेकर लौटते हैं, इससे पूर्व दिग्विजय सिंह ने पत्‍नी अमृता, रामेश्‍वर नीखरा व तीन सौ से अधिक नर्मदा पथिकों के साथ नर्मदा परिक्रमा का समापन अनुष्‍ठान किया।

इस मौके पर जगद्गुरू शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद स्‍वामी सरस्‍वती, पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ और सुरेश पचौरी, राज्‍यसभा सांसद विवेक तन्‍खा प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष अरूण यादव एआईसीसी महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, सहप्रभारी संजय कपूर, कांतिलाल भूरिया, मीनाक्षी नटराजन, रवींद्र चौबे आदि मौजूद थे स्‍वागत भाषण फिल्‍म अभिनेता आशुतोष राणा ने दिया तथा मंच संचालन पूर्व ऊर्जा मंत्री एनपी प्रजापति ने किया।

कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा को बड़ा आश्‍चर्य बताते हुए कहा कि ऐसी तपस्‍या साधारण मनुष्‍य नहीं कर सकता। परिक्रमा शुरू करने से पहले जब उन्‍होंने मुझसे चर्चा की थी तो मुझे लगा कि वे मजाक कर रहे हैं उन्‍होंने इस मौके पर चुटकी लेते हुए कहा कि जब वे हेलीकॉप्‍टर से आ रहे थे तो नर्मदा तट के आसपास रोपे गए 6 करोड़ पौधे देख रहे थे, लेकिन वे कहीं दिखाई नहीं दिए।

दिग्विजय सिंह के नर्मदा परिक्रमा यात्रा का समापन अनुष्‍ठान में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं दमोह सांसद प्रहलाद पटेल, उनके भाई राज्‍यमंत्री जालम सिंह पटेल और तेंदुखेड़ा विधायक संजय शर्मा भी पहुंचे। तीनों भाजपा नेताओं ने दिग्विजय सिंह का यात्रा का समापन पर स्‍वागत किया। भाजपा नेता पूर्वाह्न 11 बजे नर्मदा तट पर पहुंचे और नर्मदा पूजन कर अनुष्‍ठान में करीब पौने दो घंटे तक रूकने के बाद वापस लौट गये। हालांकि इसके राजनीतिक अर्थ भी निकाले जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *