[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: सबके सामने नहीं बाऊंगा | News 4 India

सबके सामने नहीं बाऊंगा

वॉशिंगटन न्‍यूज 4 इंडिया। डेटा लीक मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग 10 व 11 अप्रैल को अमेरिकी सीनेट के सामने पेश हुए। कुल 44 सीनेटर्स को सवाल पूछने के लिए 5-5 मिनट मिले थे। सुनवाई करीब 10 घंटे चली।इस दौरान सीनेटरडिक डर्बिन ने पूछा कि पिछली रात आप वॉशिंगटन के किस होटल में ठहरे थे और किसे मैसेज किया था जवाब में जकरबर्ग ने कहा मैं सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताना चाहूंगा। इस पर डर्बिन ने कहा कि डेटा लीक का मामला इसी निजता से जुड़ा है हालांकि पूछताछ के दौरान जकरबर्ग ने फेसबुक में कई तरह के सुधार का भरोसा दिलाया। उन्‍होने कहा- फेसबुक यह तय करेगा कि इस साल भारत, पाक, हंगरी, ब्राजील और अमेरिका में होने वाले चुनावों में फेसबुक का दुरूपयोग न हो। मामला ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को फेसबुक के 8.7 करोड़ यूजर्स के डेटा लीक से जुड़ा है आरोप है कि रूस ने इसका इस्‍तेमाल अमेरिकी चुनाव में ट्रंप के पक्ष में किया था।

ये दो बड़े बदलाव होंगे

यूजर की लोकेशन वेरिफाई की जाएगी। ताकि रूस में बैठा व्‍यक्ति अपने को अमेरिका में नहीं बता सके।

एआई टूल्‍स विकसित किए गए हैं, जो फेक अकाउंट और उसे जेनरेट करने वाले को पहचान लेंगे। साल के अंत तक कंटेंट रिव्‍यू के लिए 20 हजार कर्मचारी होंगे।

अहम सवालों के जवाब

क्‍या यूजर के लॉग ऑफ करने के बाद भी आप उसे ट्रैक करते हैं

  • हां, हम सुरक्षा कारणों और विज्ञापनों के लिए यूजर को ट्रैक करते हैं।

क्‍या कैंब्रिज एनालिटिका प्रकरण में आपका डेटा भी लीक हुआ।

  • हां, उसमें मेरा भी डेटा था।

पूछताछ में जकरबर्ग ने अपनी कंपनी को लेकर कई दावे किए। मसलन जकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक कॉल का डेटा स्‍टोर नहीं रखता है पर हकीकत यह है कि फेसबुक एंड्रॉयड फोन के कॉल और एसएसएस उधर सीएनएन का कहना है कि जकरबर्ग की पेशी महज दिखावा है सीनेटर के पास 5- मिनट थे क्रॉस-क्‍वेश्‍चन की गुंजाइश नहीं थी जकरबर्ग कंपनी फिलॉसफी बताते रहे।

 

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