पर पीरियड के हिसाब से मिलेगा मानदेय

जबलपुर न्‍यूज 4 इंडिया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्‍ता और जस्टिस विजय शुक्‍ला की युगल पीठ ने गुरूवार को सनवाई के बाद अतिथि शिक्षकों की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। इसके पूर्व महाधिवक्‍ता पुरूषेन्‍द्र कौरव ने कोर्ट को बताया कि अतिथि शिक्षकों के वेतनमान का पुनरीक्षण किया जा रहा है। सरकार अब अतिथि शिक्षकों को प्रति पीरियड के अनुसार मानदेय का भुगतान करेगी। उन्‍होंने कहा कि पारदर्शिता के लिए नए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया है कि नए अतिथि शिक्षकों को नियुक्‍त करने की बजाय उन्‍हें ही काम करने दिया जाए। वर्तमान में काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के पास पूरी योग्‍यता और शैक्षणिक कार्य का अनुभव है। अधिवक्‍ता वृंदावन तिवारी, शशांक शेखर, सत्‍येन्‍द्र ज्‍योतिषी, एसपी मिश्रा और राजेश दुबे ने तर्क दिया है कि सरकार ने भले ही अतिथि शिक्षकों का मानदेय प्रति पीरियड के हिसाब से करने का निर्णय लिया है, लेकिन इस व्‍यवस्‍था के बाद भी न्‍यूनतम वेतन एक्‍ट का पालन नहीं हो पाएगा।

यह है मामला

प्रदेश भर के 916 अतिथि शिक्षकों की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि पिछले कई वर्षों से वे सरकारी स्‍कूलों में अतिथि शिक्षक का काम कर रहे हैं। जुलाई 2018 में सरकार ने नए अतिथि शिक्षकों ने इस आदेश को चुनौती दी थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्‍यायालय ने अतिथि शिक्षकों को अपने पद पर पूर्ववत काम करते रहने का आदेश जारी किया है

 

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