प्रदेश में बढ़ेंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर

भोपाल न्यूज 4 इंडिया     प्रदेश में बढ़ेंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर

जिलों से लेकर मंत्रालय स्तर पर अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए सरकार अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की संख्या में बढ़ोतरी करेगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के कॉडर रिव्यू की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला से लेकर विभाग तक अधिकारियों से उनकी जरूरत का ब्योरा मांगा गया है। बताया जा रहा है कि साल के अंत तक राज्य सेवा के अफसरों के पदों की संख्या में वृद्धि हो जाएगी।

प्रदेश में पिछले बार राज्य प्रशासनिक सेवा कॉडर का रिव्यू 2013 में हुआ था। इसकी प्रक्रिया 2012 में शुरू हुई थी। इसमें स्वीकृत 774 पदों में से सवा सौ से ज्यादा इस वक्त खाली हैं। बड़े जिलों में अपरए संयुक्त और डिप्टी कलेक्टर की संख्या जरूरत के हिसाब से कम है। इसके कारण अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाना पड़ रहा हैए जिसका असर कामकाज पर पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक व्यवस्था को चाक.चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर राजस्व विभाग नायब तहसीलदार के रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा का कॉडर रिव्यू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने कहना है कि कई विभागों के अधीन आने वाले निगमए मंडलए उपक्रमए आयोगए परिषद और निकायों में राज्य सेवा के अफसर पदस्थ हैं पर पद स्वीकृत नहीं हैं। विभाग यदि राज्य सेवा के अधिकारियों को यहां रखना चाहते हैं तो उन्हें जरूरत बतानी पड़ेगी। इसके आधार पर कॉडर रिव्यू में नए पद जोड़े जा सकते हैें। इसी तरह जहां राज्य सेवा के अधिकारियों की जरूरत नहीं है लेकिन वे पदस्थ हैं तो उन्हें समाप्त भी किया जाएगा।

कलेक्टर.कमिश्नर ने बताई जरूरत

सूत्रों ने बताया कि कुछ कमिश्नर और कलेक्टरों ने विभाग को अपनी जरूरतें बता दी हैं। इसमें अधिकारियों की कमी के कारण सब डिवीजन खाली होनेए अतिरिक्त प्रभार देने से कामकाज प्रभावित होने जैसी बातें सामने आई हैं। विभागों को चार सितंबर तक जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसमें ये भी बताना होगा कि उन्हें किस वेतनमान के अधिकारी की जरूरत है। इसके लिए भर्ती नियमों में पद स्वीकृत हैं या प्रतिनियुक्ति से भरने का प्रावधान है।

भर्ती नहीं होने से बिगड़े हालात

सूत्रों का कहना है कि चार.पांच साल सीधी भर्ती नहीं होने की वजह से राज्य प्रशासनिक सेवा का ढांचा गड़बड़ा गया है। अब भर्तियां शुरू हुई हैं तो स्थिति में धीरे.धीरे सुधार हो रहा है। मौजूदा व्यवस्था में राज्य प्रशासनिक सेवा के सीधी भर्ती के 387 पद हैं। इतने ही पद पदोन्न्ति के हैं। इनमें जिलों के लिए 456 पद आरक्षित रखे गए हैं लेकिन पदस्थापना इससे कहीं कम है। अन्य विभागों में भेजने के लिए 218 पद हैंए जबकि प्रतिनियुक्ति के लिए 55 पद हैं।

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