[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: सुरक्षा तो दूर, इधर प्रशासन को सुध नहीं – News 4 India

सुरक्षा तो दूर, इधर प्रशासन को सुध नहीं

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। जिले में सड़क सुरक्षा और हादसों की रोकथाम करना तो दूर की बात है, प्रशासन जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक तक आठ माह से नहीं ले पाया है। शहर सहित पूरे जिले में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और इन हादसों की पूरी जिम्‍मेदारी पुलिस पर थोप दी गई है सड़क हादसों में होने वाली मृत्‍यु दर कम करने और हादसों में कमी लाने के लिए शासन ने जिला स्‍तर पर सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया है। इस समिति के अध्‍यक्ष सांसद कमलनाथ हैं और सचिव क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हैं। इसके अलावा कलेक्‍टर, एसपी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी समिति में शामिल किए गए हैं लेकिन इस समिति की बैठक कराने के लिए प्रशासन उदासीन नजर आ रहा है।

पिछले आठ महीनों से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन नहीं हुआ है। जिले में सड़क सुधार, हादसों में कमी लाने और एक्‍सीडेंटल डेथ को कम करने के लिए योजना बनाने इस समिति का गठन किया गया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस सुधार के लिए चर्चा तक नहीं कर पा रहे हैं।

क्‍या कहते हैं जिम्‍मेदार अधिकारी

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी व सचिव, संतोष पॉल का कहना है कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जल्‍द ही बुलाई जाएगी इसके लिए समिति के अध्‍यक्ष सांसद कमलनाथ से समय मांगा जाएगा और जल्‍द ही तिथि तय कर बैठक होगी, बैठक में हादसों में कमी लाने योजना बनाई जाएगी।

पुलिस अधीक्षक, गौरव तिवारी का कहना है कि हादसों में कमी लानेके लिए संगठित प्रयास और लोगों में जागरूकता जरूरी है, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक इन सब मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए लेकिन कई महीनों से बैठक हुई ही नहीं है।

कमिश्‍नर नगर निगम, इच्छित गढ़पाले का कहना है कि शहर में यातायात सुधार लाने और जिले में हादसों में कमी लाने के लिए विचार विमर्श और योजना बनाने की आवश्‍यकता है सड़क सुरक्षा समिति की बैठक होना आवश्‍यक है तभी योजनाएं बनाकर जिम्‍मेदारी तय की जा सकती है।

एसडीएम राजेश शाही का कहना है कि सड़क सुरक्षा समिति के सचिव आरटीओ हैं इस समिति की बैठक बुलाने और ऐजेंडा तैयार करने की जवाबदारी आरटीओ की है बैठक क्‍यों नहीं हुई है यह मैं नहीं बता सकता लेकिन हादसों को देखते हुए बैठक होना आवश्‍यक है।

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