[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: केके मिश्रा को मिली सजा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी | News 4 India

केके मिश्रा को मिली सजा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। प्रदेश कांग्रेस के मुख्‍य प्रवक्‍ता केके मिश्रा ने प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्‍य सरकार की ओर से उनके विरूद्ध लगाये गये मानहानि प्रकरण में भोपाल जिला न्‍यायालय द्वारा 17 नवंबर 2017 को उन्‍हें सुनाई गई 2 साल की सजा और 25 हजार रूपए जुर्माने के बाद 13 अप्रैल को सर्वोच्‍च न्‍यायाल के न्‍यायाधिपति माननीय रंजन गोगोई एवं न्‍यायाधीश माननीया आर.भानुमति द्वारा उनके पक्ष में सुनायेगये फैसले के बाद कहा कि इस फैसले ने भ्रष्‍टाचारियों के खिलाफ संघर्ष करने के मेरे मंसूबों को और भी अधिक दृढ़ता प्रदान की है।

भाजपा के प्रदेश के मुख्‍य प्रवक्‍ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि सर्वोच्‍च न्‍यायालय की कार्यवाही को कांग्रेस नेता केके मिश्रा गलत ढंग से प्रचारित कर रहे हैं उनकी जीत नहीं हुई है। असल में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मानहानि के संबंध में मिश्रा के विरूद्ध सत्र न्‍यायाधीश भोपाल द्वारा पारित निर्णय पर मिश्रा की याचिका की सुनवाई करते हुए सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने प्रकरण में तकनीकी त्रुटि मानी है साथ ही कहा कि इस प्रकरण को लोकसेवक शिवराज सिंह चौहान की मानहानि की जगह व्‍यक्तिश: शिवराज सिंह चौहान की मानहानि के रूप में धारा 199(1) दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत परिवाद दायर किया जाए। इससे साफ जाहिर होता है कि मिश्रा मानहानि के कृत्‍य से बरी नहीं हुए हैं इस अपराध की सजा तो उन्‍हें मिलेगी ही। उन्‍होंने यह भी कहा कि इस संबंध में कानूनविदों से विचार कर शीघ्र ही समुचित परिवाद दायर करने की कार्रवाई की जाएगी।

मेरी जुबान बंद करने के दु:साहस केके मिश्रा- प्रदेश कांग्रेस के मुख्‍य प्रवक्‍ता केके मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भ्रष्‍टाचारियों के खिलाफ संघर्ष करने के मेरे मंसूबों को और भी अधिक दृढ़ता प्रदान की है यह फैसला मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके उन मैनेजरों के लिए अब और अधिक घातक साबित होगा, जिन्‍होंने न्‍यायपालिका व सरकार की दोस्‍ती के माध्‍यम से एक खतरनाक खेल रच भ्रष्‍टाचारियों के खिलाफ मेरे संघर्ष और जुबान को बंद करने का दु:साहस किया था।

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