नया फॉर्मूला बन रहा है पुराने दिग्‍गजों के लिए मुसीबत

नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। कांग्रेस ने मध्‍यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्ठी का टिकट देने के लिए जो फार्मूला तय किया है उस पर यदि ठीक से अमल हुआ तो इस बार कई पुराने नेताओं कके टिकट कट सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने तय किया है कि पिछले चुनाव में 15000 से ज्‍यादा वोट से हारने वाले और तीन चुनाव में मुंहकी खाने वाले नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा। कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि मध्‍यप्रदेश के लिए गठित छानबीन समिति की अब तक हुई बैठकों में इसी फॉर्मूले के आधार पर चर्चा हुई है। छानबीन समिति की अगली बैठक आठ से 10 अक्‍टूबर के बीच होगी। इस बैठक में प्रदेश की शेष लगभग सात दर्जन विधानसभा सीटों पर संभावित उम्‍मीदवारों के नामों पर विचार होगा। पार्टीद्वारा टिकट बंटवारे के लिए तय किए गए इस फार्मूले से पार्टी के कुछ दिग्‍गजों की नींद उड़ी हुई है। पार्टी के कुछ बड़े नेता खुद इस कसौटी पर खरे नहीं अतर पा रहे हैं तो कई दिग्‍गजों के नजदीकी नेता इस फार्मूले के लपेटे में आ रहे हैं। लिहाजा पार्टी के अंदर इन फार्मूले को लेकर नाराजगी पनपने लगी है।

नए चेहरों को मौका देना चाहते हैं राहुल

दरअसल कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी इस चुनाव में ज्‍यादा से ज्‍यादा युवा व नए चेहरों को मौका देने के मूड में है। उनका मानना है कि लगातार चुनाव हार रहे नेताओं को फिर से मैदान में उतारने से बेहतर है कि क्षेत्र के नए लोगों को मौका दिया जाए। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी ने चुनाव से ऐन पहले दूसरे दलों से कांग्रेस में आए नेताओं को टिकट देने में प्राथमिकता नहीं देने की रणनीति भी बनाई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि टिकट पाने के लिए यह जरूरीहै कि उस नेता का नाम संअंधित विधानसभा सीट की मतदाता सूचि में हो। ऐसा करके पार्टी वैसे नेताओं को हतोत्‍सहत करना चाहती है जो रहते कहीं और है और टिकट की दावेदारी किसी और सीट से करते है। हालांकि इन सभी फार्मूले को शत प्रतिशत लागू करना मुश्किल दिख रहा है परंतु राहुल के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस इस पर खरा उतरने की कोशिश का रही है।

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