इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा, रावण दहन के लिए बदलना पड़ेगा गेस्टज आयोजक

न्‍यूज 4 इंडिया बिलासपुर. आचार संहिता की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इसका सबसे पहला झटका नेताओं को दशहरे पर लगने वाला है। 19 अक्टूबर को दशहरा है और इस दिन परंपरागत रूप से नेता रावण दहन कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि होंगे। बिलासपुर में तो ज्यादातर कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल होते हैं, लेकिन इस बार फिर वे ही नहीं, प्रदेश की किसी भी पार्टी के नेता ऐसे रावण दहन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नहीं बन सकेंगे, जो कोई शासकीय विभाग या सरकार से पोषित संस्था आयोजित कर रहा हो।

कार्यक्रमों के आयोजक को ही बदलने की तैयारी

  1. इशारा नगर निगम के आयोजनों की ओर ही है। तकरीबन सभी शहराें में वहां के निकाय रावण दहन करते हैं। अगर इनके कार्यक्रमों में नेताओं ने माला पहनी तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन तय है। यानी समितियां ही खुद रावण दहन करेंगी।
  2. पिछले चुनाव में 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगी थी। बिलासपुर में तो आनन-फानन में आयोजक ही बदल दिया गया। नगर निगम की जगह संभागीय चेंबर आफ कॉमर्स को विजयादशमी उत्सव का जिम्मा दे दिया गया।
  3. रावण जला और मुख्य अतिथि मंत्री अमर अग्रवाल ही थे। इस बार भी ऐसा ही कुछ करने की तैयारी है। यही वजह है कि अब तक नगर निगम ने कार्यक्रम की तैयारी नहीं की है। पिछले साल इस समय तक तैयारी शुरू हो चुकी थी। इसके अलावा रेलवे ग्राउंड, लालबहादुर शास्त्री स्कूल, पुराना बस स्टैंड और नूतन चौक में समितियों ही रावण दहन करती हैं।

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