भ्रष्टाचार मामले में पूर्व पीएम का भाई गिरफ्तार

पाकिस्‍तान में प्रधानमंत्री इमरान खान के राज में पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। पूर्व पीएम नवाज शरीफ के भाई और PML-N के अध्‍यक्ष व नेशनल असेंबली (पाकिस्‍तानी संसद) में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ को भ्रष्‍टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। शहबाज शरीफ पंजाब प्रांत के मुख्‍यमंत्री भी रहे हैं। न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, शहबाज को नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्‍यूरो (NAB) ने गिरफ्तार किया है। ‘डॉन न्‍यूज टीवी’ के मुताबिक, नवाज के भाई को आशियाना-ए-इकबाल हाउसिंग स्‍कीम मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस योजना की कुल लागत 14 अरब रुपये थी। डॉन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस्लामाबाद में एनएबी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि शाहबाज शरीफ को शनिवार (6 अक्टूबर) को लाहौर स्थित एनएबी अदालत में पेश किया जाएगा। डॉन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस्लामाबाद में एनएबी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि शाहबाज शरीफ को शनिवार (6 अक्टूबर) को लाहौर स्थित ब्यूरो की अदालत में पेश किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक लाहौर में एनएबी के बाहर भारी संख्या में पाक रेंजर्स का दस्ता तैनात किया गया है। पीएलएम-एन के समर्थक ब्यूरों के बाहर जुटने लगे हैं। शाहबाज की गिरफ्तारी 14 अक्टूबर के लिए निर्धारित उप-चुनावों से एक हफ्ते पहले हुई है। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई के नेता नईमुल हक ने कहा कि वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के बारे में तथ्यों से अवगत नहीं थे। उन्होंने डॉन से कहा, ”मेरे पास अभी तक जवाब उपलब्ध कराने में सक्षम तथ्य नहीं हैं। कानून की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं।”

आशियाना हाउंसिंह मामले में लाहौर विकास प्राधिकरण के पूर्व महानिदेशक अहद चीमा और फवाद हसन फवाद पहले से ही एनएबी की हिरासत में हैं। पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ के पूर्व प्रधान सचिव फवाद हसन फवाद ने अगस्त में एनएबी के समक्ष दिए अपने बयान में दावा किया था कि उन्होंने शाहबाज के कहने पर आशियाना हाउसिंग प्रोजेक्ट में अपनी पसंदीदा फर्म को ठेका दिया था। उस वक्त एस सूत्र से यह भी पता चला था कि फवाद ने पूर्व सीएम के आशियाना भ्रष्टाचार मामले में “संदिग्ध साक्ष्य” भी प्रदान किया था। शरीफ के लिए यह मुश्किल वक्त है। वह लाहौर के एनएबी की संयुक्त जांच टीम से खुद को बचा रहे हैं। शाहबाज साफ पानी कंपनी घोटाले में भी आरोपी है। इस मामले में एनएबी के लाहौर कार्यालय ने फिर से उन्हें समन भेजा है।
वह पहले भी एनएबी के समक्ष कुछ एक बार पेश होकर दोनों मामलों में अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। साफ पानी कंपनी मामलों में ठेका देने के मामले में वह पंजाब प्रॉक्योरमेंट रेग्युलेटरी अथॉरिटी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोपी है। नवंबर 2017 में, एनएबी ने भ्रष्टाचार में कथित तौर पर शामिल होने के लिए पंजाब में शाहबाज प्रशासन द्वारा गठित 56 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के मामलों की पूरी तरह से जांच शुरू की थी। बता दें कि शाहबाज के भाई नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के मामले में पहले ही जेल की सजा काट रहे हैं।

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