[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: टैक्‍स जमा फिर भी बकायदार | News 4 India

टैक्‍स जमा फिर भी बकायदार

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। प्रदेश के 377 नगरीय निकायों में ऑनलाइन सुविधाएं देने वाला सरकार का 225 करोड़ वाला इर्-नगर पालिका सिस्‍टम अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है सरकारी दावों से इतर पहले ही कुछ सेवाएं ऑनलाइन मिल पा रही हैं अब प्रॉपर्टी टैक्‍स जमा करने की सुविधा में भी समस्‍या आ रही है ज्‍यादातर नगर निगमों में प्रॉपर्टी टैक्‍स जमा करने वालों के खाते से पैसा निकल गया, लेकिन जब लोग नगर निगम पहुंचे तो पता चला कि अभी आपका संपत्तिकर ब‍काया है। यानी ऑनलाइन पैसा जमा करनेके बाद भी बकायादारों की सूची में शामिल है। नगरीय विकास विभाग के इस मेगा प्रोजेक्‍ट से ऐ साल बाद भी नगरीय निकायों में 18 सेवाएं ऑनलाइन मिलना संभव नहीं हो सका है। प्रमुख नगर निगमों में शामिल ग्‍वालियर, जबलपुर और इंदौर में ही कई दिक्‍कते आ रही हैं ग्‍वालियर में ही अकेले 600 से ज्‍यादा शिकायतें पेंडिंग हैं हैरानी की बात तो यह है कि भोपाल में संपत्तिकर को अब तक ऑनलाइन नहीं किया जा सका है।

प्रॉपर्टी टैक्‍स जमा करने के लिए वेबसाइट या एप पर जाने से कंपनी की लिंक से जुड़ते हैं जैसे ही कोई खातेदार अपना संपत्तिकरण जमा करता है तो उसे पैसे जमा होने का मैसेज आ जाता है पैसे जमा करने के बाद प्रॉपर्टी टैक्‍स जमा होकर भी रसीद नहीं मिलने से दिक्‍कते होती है। संबंधित के खाते से पैसा कट जाता है लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में पता करने पर बकाया ही दिखा रहा है, जबकि खाताधारक को नगरीय विकास के खाते में पैसा जाने का संदेश मिलता है। नगर निगम के बकाया बताने पर साफ नहीं हो रहा है कि ये पैसा किस खाते में चला गया है। इस गफलत की वजह से प्रॉपर्टी टैक्‍स जमा करनेवाले दफ्तरों के चक्‍कर काट रहे हैं।

प्रभारी ई-नगर पालिका प्रोजेक्‍ट, सीयू रॉय का कहना है कि ग्‍वालियर और कुछ नगर निगमों से अभी बकाया का डेटा नहीं मिल पाया है। इनकी देरी की वजह से बकाया दिखाई दे रहा है पैसा निकायों के खाते में जा रहा है अगर ऐसा नहीं हुआ तो खातेदार के खाते में पैसा वापस चला जाएगा।

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