[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: मरने के पूर्व दिया बयान, बची पत्‍नी की जान | News 4 India

मरने के पूर्व दिया बयान, बची पत्‍नी की जान

नागपुर न्‍यूज 4 इंडिया। पति को जलाकर जान से मारने के आरोप में जिला सत्र न्‍यायालय द्वारा महिला को सुनाई गई उम्रकैद की सजा हाईकोर्ट के नागपुर खंडपीठ ने रद्द कर दी है। पहले लिया गया बयान और मृत्‍यु पूर्व बयान में अंतर आने से हाईकोर्ट ने सजा रद्द करने का फैसला सुनाया। मृतक का नाम इंद्रजीत वानखेड़े और दोषमुक्‍त महिला का नाम आशा वानखेड़े अमरावती जिला के नेर पिंगाई निवासी हैं दोनों का विवाह सन् 1995 में हुआ था। उनकी 3 साल की बेटी है आशा और इंद्रजीत के बीच छोटे-छोटे कारणों से विवाद होते रहते थे पति के साथ विवाद के चलते आशा एक साल से अपने मायके चली गई। इंद्रजीत पत्‍नी को लेने के लिए अनेक बार ससुराल गया, परंतु आशा उसके साथ जाने के लिए मना करती रही। 2 सितंबर 1997 को जब इंद्रजीत उसे लेने के लिए गया, तब भी आशा ने जाने से मना किया, लेकिन इंद्रजीत उसे साथ ले जाने पर अड़ा रहा। बार-बार मना करने पर भी इंद्रजीत मानने के लिए तैयार नहीं था तब आशा और उसकी माता सुशीला हिवराले ने मिलकर इंद्रजीत के शरीर पर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। आग में झुलसा इंद्रजीत स्‍वयं अस्‍पताल पहुंचा। डॉक्‍टर ने उसका बयान लिया और पुलिस को सूचित किया। शिरखेड़ पुलिस अस्‍पताल पहुंची और उसका बयान दर्ज किया।

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