शिकायत करने की समय सीमा खत्म जब चाहे तब करें शिकायत

 महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्री मेनका गांधी ने मंगलवार को कहा कि विधि मंत्रालय ने उनके मंत्रालय के बाल यौन उत्पीड़न की शिकायत करने के लिए समयसीमा खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मेनका गांधी ने तीन अक्टूबर को विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखकर उनसे बाल यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए समयसीमा खत्म करने का अनुरोध किया था ताकि लोग ‘‘10-15 साल बाद भी’’ शिकायत दर्ज करा सकें।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि विधि मंत्रालय ने उनके प्रस्ताव पर सहमति जताई है और इस तरह के अपराधों की शिकायत के लिए समयसीमा खत्म करने को मंजूरी दी। डब्ल्यूसीडी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आगे की कार्यवाही पर जल्द फैसला किया जाएगा। फिलहाल, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 468 के तहत बाल उत्पीड़न सहित कोई भी अपराध जिसमें तीन साल की जेल की सजा हो सकती है, उसकी शिकायत घटना के तीन साल के अंदर दर्ज करानी होती है। सीआरपीसी की धारा 473 के तहत, अदालत ‘‘न्याय के हित में’’ या ‘‘देरी पर उचित स्पष्टीकरण दिये जाने पर’’ इससे पुराने मामले में भी संज्ञान ले सकती है।

Related posts

Leave a Comment