[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: 17 साल में पहली बार ईद पर – News 4 India

17 साल में पहली बार ईद पर

काबुल न्‍यूज 4 इंडिया।  अफगानिस्तान में आतंकी संगठन तालिबान ने ईद के मद्देनजर सरकार के संघर्षविराम के प्रस्ताव को मान लिया है। फर्क इतना है कि राष्ट्रपति अब्दुल गनी ने सात दिन संघर्ष विराम की बात रखी थी, लेकिन आतंकी संगठन सिर्फ तीन दिन के लिए राजी हुआ है। बता दें कि 2001 में अमेरिका से संघर्ष शुरू होने के बाद ये पहली बार है कि तालिबान ने सुरक्षाबलों के साथ ऐसा समझौता किया हो। हालांकि, संगठन ने चेतावनी भी दी है कि अगर इस दौरान उस पर किसी तरह का हमला किया जाता है या युद्ध छेड़ा जाता है तो वह माकूल जवाब देगा। इसके अलावा आतंकियों ने विदेशी सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की भी बात कही।

पत्रकारों को भेजा वॉट्सएप मैसेज
– तालिबान ने इससे जुड़ा एक संदेश अफगानिस्तान के सभी पत्रकारों को भेजा। इसमें संगठन ने लिखा, “सभी मुजाहिद्दीनों को निर्देश है कि वे ईद के पहले तीन दिन अफगान सुरक्षाबलों पर हमला ना करें।”
– हालांकि, संदेश में आगे ही तालिबान ने चेतावनी के तौर पर लिखा कि अगर मुजाहिद्दीनों पर किसी तरह का हमला होता है तो हम भी अपनी पूरी रक्षा करेंगे।
– वहीं विदेशी सैनिकों पर आतंकी संगठन ने कहा है कि उन्हें इस संघर्षविराम से बाहर रखा गया है। यानी आतंकी अफगान सुरक्षाबलों के अलावा बाकी किसी भी देश के सैनिकों को देखते ही उन पर हमला कर सकते हैं।

अफगान सरकार ने की थी संघर्षविराम की पहल
– बता दें कि अफगान सरकार ने दो दिनों पहले (गुरुवार) ही तालिबान के साथ एक हफ्ते तक संघर्षविराम का एलान किया था। गनी ने इससे जुड़ा एक ट्वीट भी किया था जिसमें उन्होंने संघर्षविराम की तारीखों का भी ऐलान किया था।
– गनी ने हाल ही में कहा था कि इस संघर्षविराम के बारें में सकारात्मक होना बेहद जल्दबाजी होगी। हम नहीं जानते कि आने वाले कुछ दिनों या उसके बाद क्या होगा।

धर्मगुरुओं को भी निशाना बना चुके हैं आतंकी
– इसी महीने उलेमाओं ने फिदायीन हमलों को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए फतवा जारी किया था। आतंकियों ने इसके एक घंटे बाद ही राजधानी काबुल में फिदायीन हमला किया था, जिसमें 7 उलेमा मारे गए थे। बताया जाता है कि आतंकी अपने खिलाफ फतवे से नाराज थे।

अफगानिस्तान में बढ़े आतंकी हमले
– इससे पहले 9 मई काबुल के पुलिस स्टेशनों पर कुछ बंदूकधारियों और आत्मघातियों ने हमले किए थे। इसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हुई थी। 20 से ज्यादा जख्मीे हुए थे। हक्कानी नेटवर्क और लश्कर-ए-तैयबा ने इन हमलों को अंजाम दिया था।
– अफगानिस्तान में बीते कुछ दिनों में आतंकी हमले बढ़े हैं। 6 मई को एक मस्जिद में बने वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर हमला हुआ था। इसमें 15 लोगों की मौत हुई थी।
– अप्रैल में भी वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर को निशाना बनाकर फिदायीन हमला किया गया था। इसमें 48 लोग मारे गए थे, 112 जख्मी हुए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *