444 साल बाद वापस मिला खोया हुआ नाम

उत्तरप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। 444 साल बाद इलाहाबाद का नाम बदलकर फिर से प्रयागराज कर दिया गया है। दरअसल पुराणों में इसका नाम प्रयागराज ही था। अकबर के शासनकाल में इसे इलाहाबाद कर दिया गया था।

मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस बात की घोषणा करते हुए जानकारी दी। लंबे समय से संत और स्‍थानीय लोग इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि संतों और अन्य गणमान्य लोगों ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने का प्रस्ताव रखा है।

इलाहाबाद का नाम बदलने पर बोले अखिलेश- ये परंपरा और आस्था के साथ खिलवाड़ है

सरकार ने पहले ही प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन करने की सिद्धांत रूप में मंजूरी दे दी थी। मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने को समर्थन देते हुए कहा कि जहां दो नदियों का संगम होता है, उसे प्रयाग कहा जाता है। उत्तराखंड में भी ऐसे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग स्थित है।

हिमालय से निकलने वाली देवतुल्य दो नदियों का संगम इलाहाबाद में होता है और यह तीर्थों का राजा है। ऐसे में इलाहाबाद का नाम प्रयाग राज किया जाना उचित ही होगा।

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