[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: यूनिवर्सिटी के फंड से बनाने की तैयारी – News 4 India

यूनिवर्सिटी के फंड से बनाने की तैयारी

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर और जबलपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी के फंड से सेंटर आफ एक्‍सीलेंस बनाने के सरकारी फैसले का विरोध शुरू हो गया है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. डॉ. आरएस शर्मा ने राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को 11 मई की कार्यपरिषद बैठक में यूनिवर्सिटी अधिनियमों के खिलाफ हुए फैसलों की‍ रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ. शर्मा ने बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्‍य के रूप में शामिल हुए अपर मुख्‍य सचिव चिकित्‍सा शिक्षा विभाग राधेश्‍याम जुलानिया और आयुक्‍त शिवशेखर शुक्‍ला के निर्देश पर रखे गए नियम विरूद्ध प्रस्‍तावों की लिस्‍ट भी भेजी है।

इसके चलते मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन और चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अफसर आमने-सामने हो गए हैं मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटभ्‍के अफसरों ने बताया कि सरकारी और प्राइवेट मेडिकल, डेंटल कॉलेजों में अलग-अलग सीट पर दाखिला लेने वाले स्‍टूडेंट्स की नामांकन से लेकर डिग्री तक की अलग-अलग फीस तय है प्राइवेट मेडिकल डेंटल कॉलेज में दाखिलालेने वाले स्‍टूडेंट्स यूनिवर्सिटी को 50 हजार से 70 हजार रूपए तक अलग-अलग मद में देते हैं प्राइवेट मेडिकल डेंटल-नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ रहे एमबीबीए, बीडीएस, एमएस, एमडी और सुपर स्‍पेशिएलिटी कोर्स के स्‍टूडेंट्स से फीस के रूप में यूनिवर्सिटी को सालाना 2 करोड़ रूपए का अनुदान देती है राज्‍य सरकार यूनिवर्सिटी को फंड देने के बदले उससे निजी चिकित्‍सा शिक्षा संस्‍थानों से हुई आय में से चार सरकारी कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रूपए बतौर डोनेशन लेना चाहती है। कार्यपरिषद सदस्‍य डॉ. चंद्रेश शुक्‍ला ने बैठक में हुए इस फैसले का लिखित में विरोध किया है।

अपर मुख्‍य सचिव, चिकित्‍सा शिक्षा विभाग, आरएस जुलानिया का कहना है कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की मई में हुई कार्यपरिषद बैठक में सभी फैसले विश्‍वविद्यालय के नियमों के अनुसार लिए गए हैं एक भी फैसला नियमों को दरकिनारे करके नहीं लिया गया है।

कार्य परिषद सदस्‍य, मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर, डॉ. चंद्रेश शुक्‍ला का कहना है कि भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, जबलपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 40-40 करोड़ का फंड मेडिकल यूनिवर्सिटी की आय से लेने का फैसला कार्यपरिषद बैठक में नियम विरूद्ध हुआ है। कार्यपरिषद बैठक में हुए नियम विरूद्ध फैसलोंकी रिपोर्ट राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजी है।

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