[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: जो प्रोजेक्‍ट अखंडता का सम्‍मान करेगा उसी के साथ हम – News 4 India

जो प्रोजेक्‍ट अखंडता का सम्‍मान करेगा उसी के साथ हम

क्विंगदाओ न्‍यूज 4 इंडिया। चीन के क्विंगदाओ में 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें शंघाई सहयोग संगठन सम्‍मेलन के प्‍लेनरीसत्र को संबोधित किया। इसमें उन्‍होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। मोदी ने चीन को भी इशारों में नसीहत भी दी। मोदी ने संप्रभुता आर्थिक विकास और एससीओ देशों में एकता और कनेक्टिविटी पर जोर दिया। मोदी ने कहा कि भारत किसी भी ऐसे प्रोजेक्‍ट का स्‍वागत करेगा, जो समावेशी, टिकाऊ और पारदर्शी हो। सभी सदस्‍य देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता का सम्‍मान करे। असल में मोदी ने चीन के ‘वन बेल्‍ट वन रोड’ प्रोजेक्‍ट को निशाना बनाया। जिसके तहत वह पाक अधिकृत कश्‍मीर में सड़क निर्माण कर रहा है।

मोदी ने समिटमें ‘सक्‍योर’ मंत्री भी दिया। इसमें उन्‍होंने सेक्‍योर का पुलफार्म भी बताया। बोले-कनेक्टि‍विटी का मतलब सिर्फ भौगालिक कनेक्‍शन नहीं, बल्कि एक-दूसरे के नागरिकों का कनेक्‍शन है।
भारत एससीओ देशों से सहयोग पसंद करेगा। मोदी ने कजाखस्‍तान के राष्‍ट्र‍पति से द्विपक्षीय बातचीत भी की।

आतंकवाद- मोदी ने आतंकवाद के जरिए पा‍क को आड़े हाथों लिया। बोले, भारत की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।अफगानिस्‍तान आतंकवाद के प्रभावों का दुर्भाग्‍यपूर्ण उदाहरण है राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने शांति के लिए जो कदम उठाए हैं, उसका क्षेत्र के सभी देश सम्‍मान करेंगे।

पर्यटन- मोदी बोले भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों में सिर्फ 6 प्रतिशत ही एससीओ देशों से आते हैं इसे दोगुना किया जा सकता है। हमारी साझा संस्‍कृतियों के बारे में जागरूता बढ़ने से इसमें इजाफा हो सकता है। भारत में एससीओ फूड फेस्टिवल बौद्ध फेस्टिवल आयोजित करेंगे।

एससीओ समिट से भारत को क्‍या मिलेगा

एससीओ में चीन, रूस के बाद भारत तीसरा बड़ा देश है। एससीओ दुनिया के बड़े क्षेत्रीय संगठनों में से एक है इससे जुड़ने से भारत को सामरिक और आर्थिक दृष्टि से फायदा होगा। भारत एससीओ मंच को माध्‍यम बनाकर आतंकवाद के मद्दे पर पाकिस्‍तान को सदस्‍य देशों के बीच बेनकाब कर सकेगा। आतंकी संगठन भी चिन्हित होंगे।

एससीओ में हिस्‍सा लेने से भारत और चीन के रिश्‍ते आने वाले सालों में और अच्‍छे होंगे। इसी का असर है कि भारत और चीन के बीच ब्रह्मपुत्र के पानी के डेटा को लेकर करार हुआ। चावल और अन्‍य कृषि उत्‍पादोंके निर्यात को लेकर भी नई सोच बनी है दवाईयों और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर बात हुई है।

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