[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: पहले दिया टोकन, केंद्र पहुंचे तो मना कर दिया – News 4 India

पहले दिया टोकन, केंद्र पहुंचे तो मना कर दिया

छिंदवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। किसानों के चना की उपज खरीदने के लिए शासन की योजनाओं पर खरीदी केंद्र संचालक की लापरवाही और बार-बार खरीदी के बदल रहे आदेश से किसान परेशान हैं शासन की ओर से पहले निर्देश दिया गया है कि ऐसे किसान जो पंजीकृत हैं और जिनका चना नहीं बिका है उन्‍हें टोकन मिलेगा जिसके बाद ही वह अपनी बेच सकेंगे।

टोकन की आस में बैठे किसान जब 11 जून को खरीदी केंद्र पहुंचे तो यहां उनका चना खरीदने से मना कर दिया गया। अधिकारियों का कहना था कि शासन के आदेश हैं कि चना की उपज नहीं खरीदी जाएगी। ऐसे में अमरवाड़ा खरीदी केंद्र को छोड़ शेष सभी केंद्रों में टोकन लेकर अपनी उपज बेचने के इंतजार में किसान भटकते रहे। खरीदी केंद्रों में बैठे कर्मचारी भी उन्‍हें कोई जवाब नहीं दे पाए जिसके कारण बारिश में यहां वहां किसान परेशान हुए। शासन के निर्देश पर 9 जून के पहले कुल 1 हजार 127 किसानों को टोकन जारी किया गया था जिसमें सभी को बाद में आकर चना बेचने के लिए कहा गया था। 9 और 10 जून को बिक्री बंद होने के बाद 11 जून को जब किसान चना लेकर पहुंचे तो यहां उन्‍हें मना कर दिया गया।

इनके हालात बदतर

शुरूआत से चौरई और छिंदवाड़ा खरीदी केंद्र में किसानों को होने वाली परेशानी को लेकर कई बार शिकायतें हो चुकी हैं यही वजह है कि अब भी सबसे अधिक चौरई खरीदी केंद्र के 995 और छिंदवाड़ा खरीदी केंद्र के 35 किसानों को टोकन जारी होने के बाद भी चना नहीं बिक पाया है इसके अलावा परासिया के 32, पांढुर्ना 17, सौंसर के 13, किसानों को टोकन जारी होने के बाद उपज नहीं बिक पाई है।

परासिया के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्‍यक्ष जमील खान के नेतृत्‍व में किसानों ने कलेक्‍टर के नाम परासिया एसडीएम को आवेदन देकर चना बिक्री करवाने की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि 12 जून तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो 13 जून को आंदोलन किया जाएगा।

परासिया विधायक सोहन वाल्मिक ने किसानों का चना नहीं बिकने की स्थिति पर कलेक्‍टर वेद प्रकाश से चर्चा की। कलेक्‍टर ने इस मामले में आवश्‍यक कार्यवाही करने का आश्‍वासन दिया।

किसानों का कहना है

सुरेंद्र पंद्राम, कृषक और सरपंच, चावलपानी/तामिया का कहना है कि मैं 7 जून से 50 क्विंटल चना लेकर मंडी में रूका हुआ हूं मेरा चना बिका नहीं और पोर्टल बंद हो गया।

दुर्गेश साहू, कृषक कटकुही/जुन्‍नारदेव का कहना है कि बारिश से मैंने किसी तरह अपना 25 क्विंटल चना बचा लिया, किन्‍तु मंडी में उसकी खरीदी नहीं होने से अब भाड़े का अतिरिक्‍त बोझ बढ़ गया है।

मेवालाल खोबरिया, कृषक, टबेरा-मोठार का कहना है कि मैंने 15 क्विंटल चना लाया, किन्‍तु पोर्टल बंद होने से चना मंडी में रखा है।

चंदन लाल गुप्‍ता, कृषक, चावलपानी का कहना है कि मेरी पर्ची कट गई, किन्‍तु 36 क्विंटल चना अभी तक नहीं बिका है उसे अब कहां बेचने ले जाएं समझ नहीं आ रहा है।

सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी, डी.एस.मिश्रा का कहना है कि 7 और 8 जून को टोकन बांटे गए थे, 9 जून तक जिन किसानों का चना आ गया उसका तौल कर दिया गया है इसकी ऑफलाइन लिस्‍ट भोपाल भेज रहे हैं निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी मंडी परासिया, सुभाष मालवीय का कहना है कि मंडी में 8 हजार क्विंटल से अधिक चना की खरीदी हुई है खरीदी की अंतिम तिथि 9 जून को मौजूद 54 किसानों में से 7 किसानों से अभी भी 6 सौ क्विंटल खरीदी कर रसीद जारी होना है वहीं 32 किसान ऐसे हैं जिनका नाम पोर्टल में दर्ज नहीं हुआ है।

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