[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: एक और शिष्‍या के साथ दुष्‍कर्म का मामला – News 4 India

एक और शिष्‍या के साथ दुष्‍कर्म का मामला

नई दिल्‍ली न्‍यूज 4 इंडिया। दिल्‍ली के फतेहपुर बेरी स्थित प्रसिद्ध शनिधाम मंदिर के संस्‍थापक दाती महाराज भी शिष्‍या से दुष्‍कर्म के आरोपों में घिर गए हैं 25 साल की शिष्‍या ने तीन दिन पहले दाती महाराज के खिलाफ शिकायत की थी। 10 जून को दिल्‍ली पुलिस ने उनके खिलाफ दुष्‍कर्म का केस दर्ज कर लिया। पीडि़ता का आरोप है कि दाती महाराज ने फरवरी 2016 में उसके साथ दो बार दुष्‍कर्म किया। पहली बार शनिधाम मंदिर में ही और दूसरी बार राजस्‍थान में। दाती महाराज के खिलाफ लगाई गई चार धाराओं में से दो गैर-जमानती हैं आरोप लगने के बाद से दाती महाराज आश्रम से गायब हैं उनके राजस्‍थान में होने की संभावना है।

डीसीपी साउथ रोमिल बानिया ने बताया कि जिला जांच इकाई मामलेकी जांच कर रही है। पीडि़ता मूलरूप से यूपी की है। फिलहाल वह परिवार के साथ दिल्‍ली के कालकाजी इलाके में रहती है। 2007 से 2014 तक वह दाती महाराज के आश्रम में बतौर शिष्‍या रही थी। जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी दाती महाराज को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। इस केस में दाती महाराज के अलावा दो पुरूष व दो महिलाएं भी नामजद की गई हैं। इससे पहले आसाराम और रामरहीम भी शिष्‍याओं से दुष्‍कर्म के मामले में सजा पा चुके हैं।

पीडि़ता बोली- बाबा की धमकी से डरकर अब तक चुप थी

पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि वह दाती महाराज के उपदेश सुनने वह नियमित तौर पर आश्रम जाती थी दाती महाराज के एक सहयोगी ने उनसे मुलाकात करवाई। इसके बाद 2007 से 2014 तक वह सेवादार के तौर पर आश्रम में रही। बाद में परिवार के साथ रहने लगी, लेकिन आश्रम में आना-जाना लगा रहा। इसी बीच फरवरी 2016 में पहली बार मंदिर में उसके साथ दुष्‍कर्म किया। फिर गुरूकुल आश्रम पाली में संबंध बनाए। पीडि़ता के अनुसार दाती महाराज ने उसे पुलिस में शिकायत नहीं करने के लिए धमकाया। युवती का दावा है कि वह डर के मारे इतने समय तक चुप रही। परिवार की बदनामी का भी डर था पीडि़ता के परिजनों ने कहा कि उन्‍होंने बेटी को दाती महाराज के संरक्षण में आश्रम में छोड़ा था वहां वह सेवादार के तौर पर काम करती थी।

दाती महाराज ने दी सफाई

दाती मदन महाराज का कहना है कि उन्‍हें बदनाम करने की साजिश के तहत उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है उनका कहना है कि पीडि़ता आश्रम में अपनी दो अन्‍य बहनों के साथ रहती थी, जो खुद अपनी मर्जी से दो साल पहले आश्रम छोड़ने से पहले शपथ पत्र देकर गई थी उन्‍होंने बताया कि 2015 में अभिषेक अग्रवाल नाम का व्‍यक्ति शनिधाम में आता था, जिसने शनिधाम सेवादारों से मेल मिलाप बढ़ाना प्रारंभ कर दिया। इनमें सचिन जैन्‍, नवीन गुप्‍ता, भूपेश कुमार सिंह यादव और शक्ति अग्रवाल मुख्‍य थे। इन लोगों ने आश्रम के सेवादारों से पैसों का लेन देन भी शुरू कर दिया। नवंबर 2017 में यह लोग मेरे से मिले। उन्‍होंने मेरे से शिकायत की कि अभिषेक अग्रवाल हमारे पैसे नहीं दे रहा है। मैंने उनसे पूछा कि आपस में लेनदेन किया ही क्‍यों, तो उन्‍होंने कहा कि अभिषेक शनिधाम में आता था इन लोगों ने कहा कि अभिषेक बोल रहा है कि सारा पैसा मैंने दाती महाराज को दिया है यह सुनकर मैं चौंक गया और कहा कि मुझे तो उसने पैसा नहीं दिया। य‍हीं से उन लोगों ने साजिश रचना शुरू कर दिया। जनवरी 2018 से ही ये लोग पीडि़ता से मिले व पैसों का प्रलोभन दिया गया। जिससे वे आरोप लगाने को तैयार हो गए।

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