पहली बार जापानी बुखार से मौत

भोपाल न्‍यूज 4 इंडिया। हमीदिया में 11 जून को जैपनीज इनसिफेलाइटिस बुखार(जेई बुखार) से दो बच्‍चों की मौत का मामला सामने आया है। पहली बार भोपाल में जेई बुखार से दो बच्‍चों की मौत के बाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने अलर्ट जारी किया है साथ ही सभी नर्सिंग होम्‍स के डॉक्‍टर्स को सर्दी, खांसी और बुखार से पीडि़त बच्‍चों की जांच जेई गाइडलाइन के मानकों पर करने के निर्देश दिए हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य संचालनालय के अफसरों ने बताया कि हमीदिया के शिशु रोग विभाग में बुखार की शिकायत होने पर विदिशा निवासी रजनी(14) और होशंगाबाद निवासी रोहित(03) भर्ती हुए थे। मई के आखिरी सप्‍ताह में दोनों बच्‍चों के ब्‍लड सेंपल जेई जांच के लिए एम्‍स भोपाल की रीजनल वायरोलॉजी लैब में भेजे गए थे। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अफसरों ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर बच्‍चों का इलाज जेई ट्रीटमेंट गाइडलाइन के तहत किया जा रहा था। 1 जून को रजनी और कुछ दिन बाद रोहित की मौत हो गई। इंटीग्रेटेड डिसीज सर्विंलांस प्रोग्राम के अफसरों ने बताया कि विदिशा के पूरनपुरा गांव निवासी रजनी और होशंगाबाद के गोहीखेड़ा गांव के रोहित के परिजनों के ब्‍लड की जेई जांच कराई गई है दोनों परिजनों के ब्‍लड नमूने नेशनल बायरोलॉजी लैब भेजे गए हैं रिपोर्ट 13 जून तक आएगी।

जिला मलेरिया अधिकारी अखिलेश दुबे ने बताया कि जापानी बुखार क्‍यूलेक्‍स मच्‍छर के काटने से होता है। इस बुखार का संक्रमण सबसे ज्‍यादा बच्‍चों को होता है। भोपाल में इस बीमारी के संक्रमण को काबू करने 16 एंटी लार्वा सर्वे टीम बनाई गई है। यह टीमें रोजना डोर-टू-डोर सर्वे कर लोगों को क्‍यूलेक्‍स मच्‍छर की पहचान और लार्वासाइट का छिड़काव कर मच्‍छरों के लार्वा खत्‍म करेंगी। उन्‍होंने बताया कि पिछले साल भी जेई के दो पॉजिटिव मरीज भोपाल में मिले थे जो इलाज के बाद स्‍वस्‍थ्‍य हो गए थे।

पहचान के लक्षण

सिर दर्द के साथ हल्‍का बुखार।

संक्रमण बढ़ने पर तेज बुखार, सिर दर्द।

गर्दन में अकड़न, शरीर में ऐंठन, मानसिक निष्क्रियता (कोमा जैसी स्थित)

मरीज का सुस्‍त होना। सांस लेने में तकलीफ होना।

राज्‍य कार्यक्रम अधिकारी, नेशनल वैक्‍टर बोन कंट्रोल प्रोग्राम, डॉ. हिमांशु जायसवाल का कहना है कि भोपाल में जेई बुखार से दो बच्‍चों की मौत हो गई है दोनों की रिपोर्ट लेबोरेटरी से पॉजिटिव आई थी प्रदेश में इसे लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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2 Thoughts to “पहली बार जापानी बुखार से मौत

  1. इस का ईलाज किया है। बताऐ

  2. इस का इलाज कया है।

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