संत की मौत का राज, आखिर क्यों की आत्महत्या

संत की मौत का राज


संत और नेता दोनों थे पर लगाया मौत को गले
इंदौर। संत भय्यूजी महाराज की आत्महत्या की खबर सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों में आग की तरह फैल गई ।भय्यूजी महाराज का संबंध राजनीति और अध्यात्म दोनों से ही रहा। यही कारण है ,कि राजनीतिक गलियारों में भाज पा से लेकर कांग्रेस तक सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज संत भय्यूजी महाराज के दरबार में माथा टेकते रहे हैं। बताया जा रहा है कि संत भय्यूजी महाराज के पिता महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार है वही भैया जी को शिवराज ने मध्य प्रदेश की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया है। ऐसे में उनकी आत्महत्या की खबर ने पूरे मध्यप्रदेश में सनसनी फैला दी है ।संत भय्यूजी महाराज नें क्यों किया आत्महत्या, ये अभी रहस्य है पुलिस जांच में जुटी है। आशाजनक तरीके से मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मार ली। उन्हें फौरन इंदौर के बॉम्‍बे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक भय्यूजी महाराज ने अपने आवास पर खुद को लाइसेंसी पिस्‍टल से गोली मारी है ,अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
मध्य प्रदेश में भय्यूजी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था. कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था.इनका जन्म शुजालपुर (मध्‍य प्रदेश) के किसान परिवार में हुआ था। 1968 को जन्मे भय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देखमुख है. वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं. भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क थे.

भय्यूजी महाराज का मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर स्थित है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार जैसी हस्तियां उनके आश्रम आ चुकी हैं। भय्यूजी महाराज के पिता महाराष्ट्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। भय्यूजी महाराज ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे को मनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।
सुसाइड नोट भी मिला


एक तरफ तो
अाध्यात्मिक संत भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर अपने चाहने वालो को सदमे में दाल दिया।भय्यू महाराज इस कदम से सारा देश हैरान है| हुम् आपको बता दे कि राजनीति से लेकर फिल्म जगत, सहित लाखों लोग भय्यूजी के भक्त थे| उन्होंने खुदकुशी क्यूं की इसको लेकर सभी हैरान है| वहीं भय्यूजी महाराज ने जिस स्थान पर आत्महत्या की वहां पर एक पन्ने का सुसाइड नोट पुलिस को मिला है । उस सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार किसी को नहीं ठहराया है।

भय्यूजी महाराज  ने सुसाइड नोट में लिखा है कि कई दिनों से घर के तनाव के कारण में परेशान था| दरअसल, उन्होंने सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा है, जिसमे लिखा है आई एम हैविंग टू मच स्ट्रेस आउट फेड अप। समबडी शुड बी देअर टू हैंडल ड्यूटी ऑफ फैमिली ।

भय्यू महाराज ने मंगलवार को इंदौर शहर में सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने निवास पर खुद को गोली मारी। भय्यूजी महाराज को हाईप्रोफाइल संत कहा जाता रहा है| उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख था और वह मध्य प्रदेश के शाजापुर के एक जमींदार के परिवार से सम्बन्ध रखते थे| मॉडलिंग से लेकर अध्यात्म तक का सफर उन्होंने तय किया|   मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में भय्यूजी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था| लेकिन इस सुविधा को लेने से इंकार कर दिया था|  उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है। 30 अप्रैल 2017 को शिवपुरी की डॉ. आयुषी से उन्होंने दूसरी शादी की थी| राजनीति, बॉलीवुड हो या बिसनेस की दुनिया की दिग्गज हस्तियां, सभी जगह भय्यू महाराज के अनुयायी थे| अपने ग्लैमर अंदाज के कारण उनकी एक अलग पहचान थी| शान्ति का सन्देश देने वाले एक आध्यात्मिक संत का इस तरह का कदम उठाना देश भर को आश्चर्य में डाल रहा है|
कही न कही तनाब इसकी वजह दिखती है

देखे सोसाइड नोट

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