[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: हत्‍यारा भाई नहीं मिला | News 4 India

हत्‍यारा भाई नहीं मिला

नागपुर न्‍यूज 4 इंडिया। बहन का परिवार उजाड़ने वाले आरोपी भाई विवेक गुलाबराव पलाटकर का घटना के 24 घंटे बाद भी पु‍लिस को कोई सुराग नहीं मिला है, जबकि उसकी तलाश में शहर पुलिस की कई टीमें अमरावती, नवरगांव, भंडारा आदि स्‍थानों पर दस्‍तक दे चुकी हैं आरोपी का पता बताने वाले को स्‍थानीय नेता सहित पुलिस प्रशासन ने उचित इनाम देने की घोषणा की है इसके बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला है।

पुलिस की 9 टीमें तलाश रही हैं

आरोपी विवेक नवरगांव निवासी है 10 जून और 11 जून की दरम्यिानी रात उसने आराधना नगर निवासी अपनी बहन अर्चना पवनकर उसका पति कमलाकर, सास मीराबाई, पुत्री वेदांती और खुद के पुत्र गणेश की हत्‍या कर दी थी। एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्‍या से पूरा शहर दहल गया है। प्रकरण की गंभीरता से अकेले अपराध शाखा की ही 9 टीमें आरोपी की तलाश में लगी हुई हैं। जोन और थाना स्‍तर पर भी विशेष जांच टीमों का गठन किया गया है। आरोपी की तलाश में पुलिस प्रशासन की तरफ से पत्रक भी जारी किया गया है, जिसमें आरोपी विवेक का सुराग देने वाले आरोपी का नाम-पता गुप्‍त रखा जाएगा और उचित इनाम दिया जाएगा। युवा क्रांति मंच के अध्‍यक्ष पंजू तोतवानी ने 15 हजार रूपए नगद इनाम देने की घोषणा की है इसके बावजूद घटना के 24 घंटे बाद विवेक का कोई सुराग नहीं मिला है।

पूर्व में पत्‍नी की हत्‍या कर चुका है

पुलिस ने पवनकर के अन्‍य रिश्‍तेदारों और विवेक के भी रिश्‍तेदारों से गहन पूछताछ की है, मगर कोई ठोस जानकारी नहीं मिजी है कहा जा रहा हैकि 6 महीने पहले ही जेल से छूटा विवेक बहन अर्चना और बहनोई कमलाकर से अपने पुत्र गणेश और पुत्री वैष्‍णवी को खुद के हवाले करने की मांग कर रहा था लेकिन विवेक पहले ही पत्‍नी सबिता की हत्‍यार कर उसका शव तक जला चुका था इससे अर्चना और कमलाकर के मन में यह डर था कि कहीं विवेक बच्‍चोंके साथ भी कोई अनहोनी न कर दे।

उन्‍हें यह भी  लगता है कि शराबी विवेक बच्‍चों की देखभाल ठीक से नहींकर पाएगा। जब-जब यह बात उठी है तब-तब अर्चना और कमलाकर ने विवेक के केस में लगाए गए 5-6 लाख रूपए वापस करने की बात कर उसे चुप करा देते थे, लेनिक विवेक चुप रहने की बजाय और भड़क जाता था।

दो लोगों को राज्‍य के बाहर भी भेजा

विवेक की तलाश में स्‍थानीय स्‍तर पर खाक छानने के बाद दो लोगों को विवेक की तलाश में राज्‍य के बाहर भेजा गया है फिर भी कोई जानकारी नहीं मिली है।

मोबाइल लोकेशन

11 जून की रात करीब 3 बजे से विवेक का फोन बंद है इसके पूर्व उसके मोबाइल का अंतिम लोकेशन दिघोरी चौक पाया गया है यहीं से उसके फरार होने और मोबाइल बंद होने की बात कही जा रही है इससे पुलिस को उसके सही लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है।

घटित प्रकरण से अब पुलिस की नजर फारेंसिक लैब की रिपोर्ट पर टिकी है जो आज पुलिस को मिलने वाली है। घटना के दौरान फॉरेंसिक टीम के अन्‍न के कुछ नमूने जब्‍त किए थे असल में पुलिस को शक है कि विवेक ने भोजन में नशीला पदार्थ मिलाया होगा। इस कारण बगैर विरोध और शोर शराबे से वह इस जघन्‍य हत्‍याकांड को अंजाम दे सका।

हालांकि इसको लेकर जानकारों का कहना है कि पवनकर परिवार के साथ विवेक ने भी भोजन किया है अगर भोजन में नशीला पदार्थ मिलाया होता तो विवेक भी बेहोश होता।

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