फायदा उठाने की कोशिश में ये पार्टी

भोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में न सिर्फ भाजपा बल्कि कांग्रेस के विधायकों के खिलाफ भी कई सीटों पर एंटी इनकमबेंसी हावी है। भाजपा ऐसी करीब तीन दर्जन सीटों पर कांग्रेस विधायकों के खिलाफ बने माहौल का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।

इसके लिए पार्टी ने तीन स्तर पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा ने अपने विधायकों के साथ-साथ कांग्रेस की सीटों पर भी सर्वे करवाया था। इस सर्वे में ही कांग्रेस विधायकों के खिलाफ भी माहौल होने का तथ्य सामने आया था। इसके साथ ही पार्टी स्तर पर भी विधायकों के हो रहे विरोध पर भाजपा की नजरें हैं। पिछले चुनावों में भी भाजपा ने कांग्रेस की ऐसी कई सीटों पर कब्जा किया था।

सीट चिन्हित कर तीन स्तर पर काम

भाजपा ने ऐसी दो दर्जन सीटों को चिन्हित कर तीन स्तर पर काम शुरू किया है। इन सीटों पर भाजपा प्रत्याशी चयन को लेकर अतिरिक्त कवायद पार्टी द्वारा की जा रही है। इसके अलावा इन सीटों के बूथ प्रबंधन पर भी भाजपा लगातार निगरानी कर रही है, वहीं पिछले 15 साल की सरकार में इन क्षेत्रों के हितग्राहियों को टारगेट कर संपर्क किया जा रहा है।

कांग्रेस ने गंवाई थी चार दर्जन सीट

2013 के विधानसभा चुनाव में करीब चार दर्जन ऐसी सीटों पर कांग्रेस को हार मिली थी, जिस पर 2008 में उसके विधायक बने थे। भाजपा ने ऐसी सीटों को अपने कब्जे में किया था, हालांकि कांग्रेस ने भी करीब तीन दर्जन सीटें भाजपा से छीनी थीं।

इन सीटों पर फोकस

भोपाल उत्तर, गंजबासौदा, लहार, पिछोर, जबलपुर पश्चिम, सिरोंज, हरदा, लांजी, परसवाड़ा, बैहर, बहोरीबंद, ब्यौहारी, करैरा सहित अन्य सीटें।

इनका कहना है

कांग्रेस के मौजूदा विधायकों के खिलाफ क्षेत्र में बने माहौल को भाजपा भुनाने की पुरजोर कोशिश करेगी। पार्टी ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। हम तीन स्तर पर अलग-अलग रणनीति के साथ काम कर रहे हैं।

– रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, प्रदेश भाजपा

हम अपने कब्जे वाली सीटों पर विधायकों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। कुछ सीटों पर मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकते हैं, वहीं कुछ विधायकों को कहीं और शिफ्ट करेंगे। इन सीटों को मजबूती देने के लिए हम काम कर रहे हैं।

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