[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: शिवराज मामा आप के राज में फिर किसानों से हुई धोखेबाजी – News 4 India

शिवराज मामा आप के राज में फिर किसानों से हुई धोखेबाजी

छिन्‍दवाड़ा न्‍यूज 4 इंडिया। आदिवासी अंचल के किसानों को एक साल पहले बटे मक्‍का के घटिया बीज का मामला अब सुर्खियों में आया है जिला पंचायत में हंगामा मचने के बाद हुई जांच में पाया गया कि दो गांवों के सैकड़ों किसानों को घटिया बीज का वितरण कर दिया गया। जिस वजह से मक्‍का के पौधों में भुट्टे ही नहीं आए। किसानों को खाद बीज के साथ मेहनत का भी नुकसान हुआ, लेकिन आज तक इन किसानों को मुआवजा तक प्रदान नहींकिया गया है एक साल बाद आई जांच रिपोर्ट में भी मौसम की बेरूखी का हवाला देकर मामला निपटा दिया।

ये मामला 2017 से जुड़ा है। तामिया विकासखंड के जैतपुर और छिंदी में किसानों को मक्‍के का बीज वितरित किया गया था बायोसीड्स 9544 किस्‍म के इस बीज की बोवनी करने के बाद किसानों ने फसल लगाई, पौधे भी उगे, लेकिन मक्‍का फसल पर आया ही नहीं। किसानों ने इस प्रकरण की शिकायत स्‍थानीय अधिकारियों से की, लेकिन मामले की कोई जांच नहीं हुई। प्रकरण जिला पंचायत में आया। दो बार मामला उठाने के बाद हुई जांच के बाद अफसरों ने अब ये रिपोर्ट तैयार की है, जिसमेंभी कई खामियां हैं बायोसीड्स कंपनी की इस किस्‍म की शिकायत करने के बजाए इस कंपनी की दूसरी किस्‍म का मक्‍का किसानों को दिया जा रहा है इस मामले में कृषि उपसंचालक से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अवकाश में होनेके कारण उनका पक्ष खबर में नहीं आ पाया।

बारिश के पहले ये मक्‍का इन दो गांवों में दिया गया था जिला पंचायत सदस्‍य कमलेश उईके ने दो बार ये मामला बैठक में उठाया, जिसके एक साल बाद कृषि और मौसम विभाग का जांच दल इन दोनों गांवों में पहुंचाया गया।

पूरे एक साल बाद प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे अधिकारियों ने हाल ही में जिला पंचायत में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बारिश को जिम्‍मेदार बताया है अधिकारियों का कहना है कि जब बोवनी की गई तब 15 दिनों तक बारिश नहीं हुई जिस वजह से मक्‍का नहीं उग पाया। अधिकारियों की रिपोर्ट पर इसलिए भी संदेह जताया जा रहा है कि क्‍योंकि वितरण के समय इस मक्‍के के बीज को कम पानी की बताकर वितरित किया गया था।

जिला पंचायत सदस्‍य, कमलेश उईके का कहना है कि दो बार मामला उठाने के बाद प्रकरण की जांच की गई। यदि पहलेही जांच हो जाती तो मामला कुछ और होता। घटिया बीज कृषि विभाग ने वितरित किया था, जिसके कारण ही फसल बर्बाद हुई। ये बातें खुद किसानों ने बताई थी।

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