[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: दर्शन करने आया भक्त बना करोड़पति  – News 4 India

दर्शन करने आया भक्त बना करोड़पति 

इंदौर न्‍यूज 4 इंडिया। भय्यू महाराज के श्री सद्गुरू दत्‍त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्‍ट की देशभर में करोड़ों की संपत्ति बताई जा रही है। ट्रस्‍ट में 11 ट्रस्‍टी और 700 से ज्‍यादा आजीवन सदस्‍य हैं जिनमें 95 फीसदी से ज्‍यादा महाराष्‍ट्र से हैं अध्‍यक्ष शुजालपुर के दिलीप देशमुख हैं सचिव इंदौर के तुषार पाटील हैं जो पूरे ट्रस्‍ट की गतिविधि देखते हैं वहीं महाराज ने सुसाइड नोट में जिस विनायक को अपना उत्‍तराधिकारी बताया है वह भी ट्रस्‍टी  है। विनायक 1996 यानी 21 साल पहले सूर्योदय आश्रम में भय्यू महाराज के दर्शन करने आम आदमी की तरह आया था तीन घंटे इंतजार के बाद महाराज से मिलकर इतना प्रभावित हुआ कि आश्रम का नियमित सेवादार बन गया। महाराज ने उसे धीरे-धीरे ट्रस्‍ट की गति‍विधियों में शरीक किया। कुछ सालों में वह महाराज का इतना करीबी हो गया कि उनकी मां का ध्‍यान वही रखता था उनके घर नियमित रूप से जल्‍दी पहुंच जाता था महाराज किससे बात करेंगे और कौन उनसे मिलेगा, यह विनायक ही तय करता था उनके घर का पूरा मैनेजमेंट विनायकने ही संभाल रखा था।

जो करीबी थी वह धीरे-धीरे होते गए दूर

सूर्योदय आश्रम में तीन साल से बस कुछ ठीक नहीं चल रहा था महाराज के मौसा शरद एस. पंवार ने डेढ़ साल पहले ही ट्रस्‍ट का चेयरमैन पद छोड़ दिया था उनका घर आश्रम से सटकर ही है लेकिन छह महीने से वह महाराज से मिले तक नहीं थे आश्रम की गतिविधियों में दखल खत्‍म हो गया था ट्रस्‍ट के सचिव तुषार पाटिल ही सारी गतिविधियां देख रहे थे हालांकि इसमें भी विनायक महाराज के शुरूआती समय के साथी संजय यादव भी एक घटनाक्रम के बाद आश्रम की गतिविधियों से दूर कर दिए गए थे।

ऐसा है महाराज का ट्रस्‍ट

ट्रस्‍ट का मुख्‍य आश्रम इंदौर के सुखलिया में है इसके अलावा कोल्‍हापुर, मुंबई सहित महाराष्‍ट्र के 250 से ज्‍यादा स्‍थानों पर ट्रस्‍ट संचालित है अब ट्रस्‍ट की गतिविधि को कौन चालएगा, इसको लेकर संशय है महाराज ने भले सुसाइड नोट विनायक को उत्‍तराधिकारी बताया है लेकिन अंतिम निर्णय के ट्रस्‍ट पदाधिकारी लेंगे। सचिव पाटिल ने कहा कि सभी ट्रस्‍ट मिलकर फैसला लेंगे कि पहले की तरह ही महाराज के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। विनायक पहले की तरह ही महाराज के परिवार की जिम्‍मेदारी निभाएंगे।

ये है निजी संपत्ति

भय्यू महाराज का पुश्‍तैनी मकान शुजालपुर में है खेती की जमीन भी है स्‍कीम 54 और सिल्‍वर स्प्रिंग टाउनशिप में बंगला, पुणे में फ्लैट है 10 से ज्‍यादा लक्‍जरी गाडि़यां हैं।

इंदौर रेंज के एडीजी शर्मा ने कहा कि आत्‍महत्‍या के हर पहलू की जांच हो रही है। जांच में परिवार सहित सभी बिंदुओं को शामिल किया गया है भय्यू महाराज की लाइसेंसी पिस्‍टल, लिखिल सुसाइड नोट के अलग-अलग दो पन्‍ने प्राप्‍त हुए हैं सुसाइड नोट के एक पन्‍ने पर भय्यू महाराज ने आत्‍महत्‍या की वजह तनाव को बताया है।

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