[10:10 PM, 12/7/2017] News4indai: फोटो को बनाता था अश्ली।ल फिर करता था ये गंदा काम – News 4 India

फोटो को बनाता था अश्ली।ल फिर करता था ये गंदा काम

रायपुर  न्‍यूज 4 इंडिया। फेसबुक, वॉट्सएप, ट्वीटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर अगर आप किसी अनजान को दोस्त समझकर उस पर भरोसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। अंतर्राष्ट्रीय नाइजीरियन गैंग ने देशभर में अपना जाल फैलाकर उम्र दराज महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनके वीडियो, फोटो हासिल करने के बाद ब्लैकमेलिंग कर लाखों रुपये वसूले हैं।

यह पर्दाफाश रायपुर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े नाइजीरियन गैंग के मास्टमाइंड समेत चार ठगों ने पूछताछ में किया है। अभी तक इस गिरोह के एटीएम फ्रॉड, कॉल सेंटर के जरिए और इनाम का झांसा देकर ठगी के कई कारनामे आते रहे हैं, लेकिन महिलाओं को प्यार के जाल में फंसाकर ठगी का मामला पहली बार सामने आया है।

दरअसल रायपुर की एक 45 वर्षीय महिला इस गैंग के झांसे में आकर सात लाख रुपये गंवा चुकी है। मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने गैंग का लोकेशन ट्रेस कर दिल्ली के संतगढ़, तिलकनगर पहुंची।

वहां किराए के मकान में संचालित हो रहे कमांड सेंटर की दस दिनों तक निगरानी करने के बाद चार सदस्यीय गैंग घेरे में लिया। चारों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली से रायपुर लाया गया और देर शाम को कोर्ट में पेशकर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया।

विश्वास जीतकर किया विश्वासघात

एसएसपी अमरेश मिश्रा ने बताया कि अप्रैल में नाइजीरियन युवक कैनिथ ओसिटा डिमा ने यूके (ब्रिटेन) के वैलेंसिया वार्ट के नाम से एक फेसबुक प्रोफाइल बनाकर एक महिला से दोस्ती की। चैटिंग के दौरान प्रेमजाल में फंसाकर उसने महिला का मोबाइल नंबर लिया। फिर दोनों के बीच वॉट्सएप से बातचीत होने लगी।

इसी बीच नाइजीरियन के कहने पर महिला ने अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो उसे भेज दिया। फिर महिला के चेहरे को मोर्फ (टैपरिंग) कर नाइजीरियन ने ब्लैकमेल कर पैसा मांगना शुरू कर दिया। पैसे नहीं मिलने पर सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी।

महिला ने डरकर 7 लाख रुपए उसके बताए गए तीन अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। इसके बाद वह पैसे की मांग कर परेशान करने लगा तब महिला ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट लिखाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन कर तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की डिटेल के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली पहुंची।

60 फीसद महिलाएं

छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि गैंग के हाइटेक कमांड सेंटर में रोज चारों सदस्य बैठकर सौ से अधिक फेक फेसबुक आईडी के जरिये एक हजार महिलाओं को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। 60 फीसद महिलाएं गैंग के झांसे में फंसकर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेती थीं। इसके बाद गैंग ब्लैकमेलिंग शुरू करता था।

गिरफ्त में आए कैनिथ उसिटा डिमा, चिबुजोर शमूएल, औस्टिन उर्फ एंटी तथा बोली बेसिल के कब्जे से जब्त 10 लैपटॉप, 20 मोबाइल सेट में पांच सौ से अधिक महिलाओं की अश्लील फोटो, वीडियो आदि मिले हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग ने महिलाओं से करोड़ों रुपए ऐंठे हैं।

हिंदी बोलने में माहिर

आरोपी हिंदी बोलने में माहिर हैं, लेकिन पुलिस टीम को देखकर वे अंग्रेजी में बाते करने लगे थे। जब पुलिस ने उनकी खातिरदारी शुरू की तो फर्राटे से हिंदी बोलने लगे। इनमें से तीन नाइजीरियन युवक व्यावसायिक वीजा पर भारत आए थे, जबकि चौथा बिना पासपोर्ट के ही भारत में कई सालों से रह रहा है। सभी के वीजा की वैधता की जांच की जा रही है। आईजी ने गैंग को पकड़ने पर पुलिस टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है।

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