म्यांमार के साथ भारत, बाली घोषणापत्र से खुद को किया अलग

म्यांमार के साथ भारत, बाली घोषणापत्र से खुद को किया अलग

जकार्ता न्‍यूज 4 इंडिया। भारत ने बाली घोषणापत्र से खुद को अलग कर लिया है। ये तब हुआ है,जब पीएम मोदी ने अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान वहां की सरकार को रखाइन प्रांत में हो रहे विद्रोह के मामले में सहयोग का भरोसा दिया था।लोकसभा की सभापति सुमित्रा महाजन के नेतृत्व में वहां पहुंचे दल ने व‌र्ल्ड पार्लियामेंट्री के उस प्रस्ताव को गलत बताया, जिसमें म्यांमार का जिक्र एक अस्थिर देश के तौर पर किया गया। भारत ने वहां पर कहा कि म्यांमार का संकट उनका आंतरिक संकट है और इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाए जाने की जरूरत नहीं है।

वर्ल्ड पार्लियामेंट्री फोरम में स्पीकर ने की शिरकत

फोरम का आयोजन स्थायी विकास की परिकल्पना को लेकर किया गया था, इसलिए जो घोषणापत्र इसमें सामने रखा गया वो इसके ध्येय को पूरा नहीं करता। भारत इसका समर्थन नहीं करता। उल्लेखनीय है कि म्यामांर के रखाइन प्रांत में हिंसा के चलते सवा लाख लोग देश छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं। ये सारे जाकर बांग्लादेश में शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं। बाली में इस बात पर चिंता जताई गई कि ये हिंसा संकट पैदा कर रही है।

लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फोरम उसी दिन आयोजित हुआ, जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यामांर का दौरा खत्म कर रहे थे।

 

 

 

 

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