पहले आई सी यू फिर होगा ऑपरेशन

पहले आई सी यू फिर होगा ऑपरेशन

नई दिल्ली न्यूज 4 इंडिया। देश की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को  देश के स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम फैसला दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन नर्सिंग होम्स में इंटेसिव केयर यूनिट यानी (आईसीयू) नहीं होगा, वहां ऑपरेशन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है। जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और यूयू ललित की बेंच ने यह फैसला एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। बिजाय कुमार सिन्हा ने कोर्ट में याचिका लगाते हुए कहा था कि उनकी पत्नी की मौत अस्पताल की तथाकथित लापरवाही के कारण हुई थी। कोलकाता के आशुतोष नर्सिंग होम में डॉक्टर विश्वनाथ दास ने बिजाय की पत्नी की हिस्टीरिकटॉमी  सर्जरी की थी। मगर, नर्सिग होम में आईसीयू की सुविधा नहीं थी। कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता को पांच लाख रूपए क्षतिपूर्ति दिए जाने का फैसला भी दिया है। इसमें तीन लाख रूपए डॉक्टर दास को जुर्माने के तौर पर देना होगा, जबकि दो लाख रूपए नर्सिंग होम के मालिक डॉक्टर पीके मुखर्जी को देना होगा। उल्लेखनीय है कि यह सर्जरी दिसंबर 1993 में हुई थी। इसके एक महीने बाद उनकी मौत हो गई थी और मामला 2008 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।

याचिकाकर्ता की हो चुकी मौत

इस मामले में 23 साल तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ते हुए याचिकाकर्ता की भी मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ये मामला 11 साल तक उपभोक्ता अदालत में भी चला था। बिजाय की मौत के बाद उनके बेटे  सोमिक रॉय ने मामले को आगे बढ़ाया, ताकि उनकी मां को इंसाफ मिल सकें।

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